मुख्यालय में जब विपणन विभाग से डाटा लेकर आपूर्ति विभाग में मिलान किया गया तो खुलासा हुआ कि जिले में 792 काश्तकार ऐसे हैं, जो राशनकार्ड बनवाकर सरकारी सस्ते गल्ले की दुकान से राशन ले रहे हैं। इसके बाद दूसरी सूची में 92 और किसान मिले। इस तरह ऐसे किसानों की कुल संख्या 884 पहुंच गई। हालांकि इसमें 10 किसान गाजीपुर जिले के भी शामिल थे, जिसे विभाग ने गाजीपुर जनपद के संबंधित विभाग को प्रेषित कर दिया। अब बलिया में 874 किसान जांच के घेरे में हैं।
बलिया के जिला पूर्ति अधिकारी कृष्ण गोपाल पांडेय का कहना है कि 874 किसानों में किसने कितना गेहूं बेचा है, इसका आंकड़ा जुटाया जा रहा है। दरअसल, गेहूं की खरीद करने के लिए पीसीएफ और अन्य इकाइयों को जिम्मेदारी सौंपी गई थी। उन किसानों के राशन कार्ड निरस्त होंगे, जिन्होंने राशन लेने के साथ ही गेहूं की बिक्री की है। ऐसे लोगों का डाटा शासन द्वारा विभाग को उपलब्ध कराया गया है, जिसकी आपूर्ति निरीक्षकों द्वारा जांच कराई जा रही। रिपोर्ट मिलते ही कार्रवाई की जाएगी।