रामनगर औद्योगिक क्षेत्र सभागार में शुक्रवार को उद्यमियों की उद्योग से संबंधित समस्याओं के समाधान के तहत बैठक हुई। इसमें बिजली, सीवर, यूपीसीडा, फायर समेत अन्य कई मुद्दे उठाए गए। रामनगर औद्योगिक एसोसिएशन के अध्यक्ष देव भट्टाचार्य ने कहा कि औद्योगिक क्षेत्र के बाहर के भूखंडों के विकास प्राधिकरण (वीडीए) में आने से नक्शा स्वीकृत करने का विकास शुल्क 1000 प्रति वर्ग मीटर है।
यह यूपीसीडा के नक्शे के स्वीकृत रेट से 10 गुना ज्यादा है। उद्यमियों ने कहा कि फायर, भूगर्भ जल, प्रदूषण नियंत्रण विभागों की एनओसी लेने के लिए उद्यमी परेशान रहते हैं। लंबे समय से उद्यमियों को विभिन्न विभागों की सब्सिडी नहीं मिली है। इतने ऊंचे रेट के कारण चंदौली का औद्योगिक विकास रुक गया है। वेयर हाउस का रेट 250 रुपये प्रति वर्ग मीटर है, इसे कम करना भी जरूरी है।
उद्यमी अमित गुप्ता ने उत्तर प्रदेश के बढ़ते विद्युत दर पर असंतोष व्यक्त करते हुए कहा कि विद्युत की दर अन्य प्रदेशों से सस्ती होने पर ही प्रदेश में औद्योगिक विकास होगा। उद्यमी अशोक सुल्तानिया ने दोनों औद्योगिक क्षेत्र में सीवर की मांग की। विद्युत सिक्योरिटी का ब्याज विद्युत विभाग से न मिलने का मुद्दा उठाया।
पड़ाव स्थित उधमी जसपाल सिंह, मुकेश सिंह, चंद्रभूषण ने औद्योगिक फीडर से विद्युत आपूर्ति की मांग की। उद्यमी सिद्धार्थ बाजला और ऋषभ जैन ने समस्त औद्योगिक क्षेत्रों के विद्युत तार को ऊपर उठाने पर जोर दिया। उद्यमी जय प्रकाश पांडेय ने यूपीसीडा की ओर से औद्योगिक क्षेत्र से कूड़ा हटाने पर जोर दिया।
डांडी और पड़ाव से आए उद्यमियों जसपाल सिंह, मुकेश सिंह, चंद्रभूषण सिंह ने विद्युत कनेक्शन औद्योगिक फीडर से देने की मांग उठाई। संयुक्त आयुक्त उमेश सिंह ने उद्यमियों की समस्याओं का जल्द निराकरण करने का आश्वासन दिया। संचालन चंद्रेश्वर जायसवाल, अजय राय और धन्यवाद सतीश गुप्ता ने किया।
बैठक में त्रिभुवन सिंह, सत्यवीर साहू, संजय लखवानी, संजीव सिंह, सुप्रिया राय, रितेश वाधवानी, रवि कपूर, राम सिंह, अरविंद सिंह, राज सिंह थापर मौजूद रहे।