इस बार सावन में चार सोमवार पड़ेंगे। हर सोमवार को बाबा का विशेष शृंगार किया जाएगा। करीब डेढ़ करोड़ श्रद्धालुओं के श्री काशी विश्वनाथ धाम आने का अनुमान है। इसी लिहाज से तैयारियां भी की जा रही हैं। मंदिर के सीईओ विश्वभूषण के मुताबिक, पिछली बार सावन मास में 1.65 करोड़ श्रद्धालु आए थे। सावन दो महीने तक चला था। सोमवार भी ज्यादा पड़े थे।
सावन मास की शुरूआत 11 जुलाई से होगी और समापन नौ अगस्त को होगा। श्री काशी विश्वनाथ मंदिर न्यास कार्यपालक समिति के अध्यक्ष एवं मंडलायुक्त एस.राजलिंगम ने बताया कि देशभर से आने वाले श्रद्धालुओं को इस बार दर्शन-पूजन और जलाभिषेक में किसी तरह की दिक्कत नहीं आएगी। मंदिर न्यास ने सावन मास भर सुगम दर्शन और प्रोटोकॉल पर पूरी तरह से रोक लगाई है।
मंडलायुक्त ने बताया कि सभी तैयारियां हो चुकी हैं। जो भी कमियां रह गई हैं, वह जल्द पूरी करा ली जाएं। पूरे सावन भर प्रोटोकॉल की सुविधा बंद रहेगी, ताकि किसी श्रद्धालु को दर्शन करने के लिए असुविधा न हो। मंदिर न्यास के सीईओ ने सभी संबंधित विभागों से पत्राचार कर लिया है। काशी की क्षतिग्रस्त सड़कों को तत्काल ठीक करने के निर्देश दिए गए हैं।
महाकुंभ की अवधि में बाबा विश्वनाथ में श्रद्धालुओं के लिए जो सुविधा दी गई थी, उससे बेहतर व्यवस्था बनाने की कोशिश की जा रही है। काशी की जनता को काशी द्वार से सुबह एक घंटा और शाम को एक घंटा चार से पांच बजे के बीच दर्शन की सुविधा रहेगी।