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मदनपुरा में रासबिहारी बोस ने काटी थी साल भर फरारी

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आजादी की लड़ाई और आजादी के दीवानों से काशी का गहरा नाता है। बनारस शुरू से ही क्रांतिकारी गतिविधियों का केंद्र रहा। काशी की माटी ने ही आजादी के परवानों के दिल और दिमाग में क्रांति की चिंगारी पैदा की। ब्रिटिश शासन के खिलाफ आजाद हिंद फौज की नींव रखने वाले रास बिहारी बोस का भी काशी से गहरा नाता था। 25 मई को उनकी जयंती है।
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सीएम ऐंग्लो बंगाली टोला इंटर कॉलेज के प्राचार्य विश्वनाथ दूबे ने बताया कि शचींद्र नाथ सान्याल के ही मकान में रास बिहारी बोस ने फरारी काटी थी। बाद में अंग्रेजी हुकूमत ने छापा मारकर मकान को सील कर दिया था। दुर्भाग्य है कि उस याद को सहेजा नहीं जा सका और वह भवन बिक गया। उसको तोड़कर एक कामर्शियल भवन में तब्दील कर दिया गया है।
योगी श्यामाचरण लाहिणी के मकान डी 31/58 के बगल मे शचींद्र नाथ सान्याल का मकान था। सान्याल ने आजाद हिंद फौज और गदर पार्टी के संस्थापक रास बिहारी बोस के साथ मिलकर उत्तर भारत में क्रांति की अलख जगाई और काशी को क्रांति का केंद्र बिंदु बनाया। शचींद्र नाथ सान्याल रास बिहारी बोस के दाहिने हाथ थे। 1857 की क्रांति की तरह 21 फरवरी 1915 को क्रांतिकारियों ने सशस्त्र सैनिक विद्रोह की तैयारी की थी मगर अंग्रेजों को षड्यंत्र की जानकारी हो गई।
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रास बिहारी बोस शचींद्र के मदनपुरा वाले मकान में लगभग एक साल फरारी हालात में रहे। अप्रैल 1915 में रास बिहारी के विदेश जाने के कुछ ही दिनों बाद सान्याल बनारस में गिरफ्तार हो गए। मुकदमे में आजीवन काले पानी की सजा हुई और सारी संपत्ति की जब्ती का आदेश हुआ। कुछ दिन बनारस जेल में रखने के बाद अगस्त माह की 18वीं तारीख को उन्हें कुख्यात सेलुलर जेल भेज दिया गया।
बंगाल में हुआ जन्म
रासबिहारी बोस का जन्म 25 मई 1886 को बंगाल में बर्धमान जिले के सुबालदह गांव में हुआ था। रासबिहारी बोस बचपन से ही देश की स्वतंत्रता के स्वप्न देखा करते थे और क्रांतिकारी गतिविधियों में उनकी गहरी दिलचस्पी थी। प्रारंभ में रासबिहारी बोस ने देहरादून के वन अनुसंधान संस्थान में कुछ समय तक हेड क्लर्क के रूप में काम किया। दिल्ली में जार्ज पंचम के 12 दिसंबर 1911 को होने वाले दिल्ली दरबार के बाद जब वायसराय लॉर्ड हार्डिंग की दिल्ली में सवारी निकाली जा रही थी तो उसकी शोभायात्रा पर वायसराय लार्ड हार्डिंग पर बम फेंकने की योजना बनाने में रासबिहारी की प्रमुख भूमिका रही थी।
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