जिला कारागार में निरुद्ध दुष्कर्म के आरोपी सिपाही को वीआईपी सुविधा देने को लेकर शनिवार को निरुद्ध छात्र नेता व बंदियों ने जिला कारागार प्रशासन के खिलाफ नारेबाजी की और भूख हड़ताल शुरू कर दी।
सूचना मिलते ही नगर मजिस्ट्रेट मनोज कुमार पांडेय, सीओ सिटी हितेंद्रु कृष्ण कारागार पहुंचे, जहां भूख हड़ताल पर बैठे कैदियों को समझाने का प्रयास किया, लेकिन वह नहीं माने। छात्रनेताओं और कैदियों ने छह सूत्री मांग पत्र सौंपा। रात तक भूख हड़ताल जारी थी और कारागार प्रशासन कैदियों को मनाने में जुटा था।
दिए गए ज्ञापन में बंदियों ने आरोप लगाया गया है कि शनिवार को छात्रसंघ नेताओं को डिप्टी जेलर वीपी शर्मा द्वारा बैरक नंबर सात में रखा गया। उनके द्वारा बताया गया कि पहले दिन बंदी को सात नंबर बैरक में रखा जाता है।
जबकि दुष्कर्म मामले के आरोपी सिपाही धरम प्रसाद को नियमों में छूट देकर बैरक नंबर-दो ए में रखा गया। इससे नाराज होकर सुबह 10 बजे से छात्रनेता सौरभ सिंह, विजय, आनंद सिंह, मनीष सिंह व अन्य बंदी भूख हड़ताल पर बैठ गए।
उन्होंने डिप्टी जेलर वीपी शर्मा के स्थानांतरण के साथ शौचालयों की मरम्मत व निर्माण, पीने व स्नान के लिए स्वच्छ जल और कैदियों को समुचित चिकित्सा सुविधा मुहैया कराने के साथ ही बैरकाें में जेनरेटर से पंखा चलाने की व्यवस्था करने की मांग की।
साथ ही निरूद्ध कैदियों से दुर्व्यवहार करने और अवैध धन उगाही करने वाले बंदीरक्षकों और अधिकारियाें का भी तबादला करने को कहा। चेताया कि जब तक छात्र नेताआें को न्याय एवं डिप्टी जेलर वीपी शर्मा कर स्थानांतरण नहीं हो जाता, तब तक भूख हड़ताल जारी रहेगी।