मंगलवार को गौना कराने के लिए बाबा के आगमन पर शिवाचार्य पं ज्योतिशंकर त्रिपाठी और श्रीशंकर त्रिपाठी के आचार्यत्व में अनुष्ठान कराया गया। काशी विश्वनाथ मंदिर के पूर्व महंत डॉ. कुलपति तिवारी के सानिध्य में भी अनुष्ठान हुए। परंपरा के अनुसार बाबा विश्वनाथ, माता पार्वती की गोद में भगवान गणेश की रजत प्रतिमाओं को विराजमान कराने, पूजन के बाद भोग लगाया गया। ससुराल में बाबा का महिलाओं और कलाकारों ने मंगल गीत और भावपूर्ण लोकनृत्यों से स्वागत किया। इस दौरान गौना के बधाई गीत भी गुंजायमान हुए। श्रीकाशी विश्वनाथ महाकाल डमरू सेवा समिति के सदस्यों ने मनोज अग्रहरि के नेतृत्व में डमरू बजाकर स्वागत किया।