पहले चरण में शिव की रसोई में सिर्फ एक समय यानी दोपहर का भोजन बनेगा। इसके लिए प्रशासन की ओर से शहर के लोगों से सहयोग की अपील की गई है। इसमें न्यूनतम 11 हजार रुपये सहयोग के रूप में देने वाले परिवार के हाथ सबसे पहले प्रसाद का वितरण होगा। प्रसाद बनाने में सहयोग कर सकेंगे तो मंदिर की एक आरती में सपरिवार भाग लेने का मौका भी मिलेगा।
पिछले साल बन कर तैयार हुआ भवन
श्रीकाशी विश्वनाथ मंदिर का अन्नक्षेत्र का पिछले साल पीएम ने लोकार्पण किया था। इस जी प्लस फाइव मंजिला भवन को 13 करोड़ रुपये खर्च कर बनाया गया है। इसे संचालित करने के लिए अन्न क्षेत्र संचालन करने वाली विभिन्न संस्थाओं को बुलाया जरूर गया लेकिन बात नहीं बन पायी। हालांकि कोरोना काल में जरूरतमंदों को यहां से पका भोजन वितरित किया गया। इससे पहले मंदिर परिसर में ही अन्न क्षेत्र संचालन का अस्थायी रूप से प्रयास किया गया था लेकिन वह भी कुछ ही दिनों तक चल सका था।
कमिश्नर दीपक अग्रवाल ने बताया कि प्रथम चरण में शिव की रसोई में दोपहर का प्रसाद बनेगा। भक्तों की चाह रहेगी तो प्रसाद दोनों वक्त भी बनेगा। इसकी शुरूआत रंग भरी एकादशी से की जा रही है। शहर के बहुतायत लोगों ने इसमें भागीदारी को हामी भरा है।