दोहा चौपाई गायन को विराम
रामलीला के क्रम में भाद्र शुक्ल चतुर्थी से रामलीला पक्की पर चल रहे बालकांड के 175 दोहे-चौपाइयों का बुधवार की शाम गायन पूरा कर लिया गया। दस दिनों तक इसमें रामायणी दल ने उन प्रसंगों का गायन किया जिनका लीला में मंचन नहीं किया जाता है।
शेषनाग व पुतलों को अंतिम रूप देने में जुटे कारीगर
नगर स्थित रामबाग पोखरा पर बृहस्पतिवार को अनंत चतुर्दशी के दिन रावण जन्म व क्षीरसागर की झांकी से शुरू होने वाली रामलीला स्थलों पर पूरे दिन साफ सफाई व कीचड़ पाटने का काम होता रहा। जेसीबी मशीन सहित आधा दर्जन से ज्यादा कर्मचारी काम में जुटे रहे। इसके अलावा रामलीला में उपयोग होने वाले पक्षी व जानवरों के पुतलों को अंतिम रूप देने के लिए कारीगर मेहनत करते नजर आए। सबसे ज्यादा कारीगर क्षीरसागर के दौरान प्रयोग होने वाले शेषनाग को बनाने में लगे रहे। कारीगरों का कहना था कि गुरुवार दोपहर तक शेषनाग को अंतिम रूप दे दिया जाएगा।