देवाधिदेव महादेव की भूख को भी शांत कराने वाली माता अन्नपूर्णा की नगरी काशी अब रामलला के जन्मभूमि में श्रद्धालुओं का पेट भरेंगी। अयोध्या के श्रीराम मंदिर में रामलाल की प्राण प्रतिष्ठा में पहुंचने वाले श्रद्धालुओं के लिए काशी के समाजसेवी संगठनों और मंदिर ट्रस्टों की ओर से तीन पहर के भोजन की व्यवस्था की जा रही है। ये व्यवस्था अगले तीन महीने तक लागू रहेगी।
इस भंडारे की कमान मछोदरी स्थित स्वामी नारायण मंदिर ट्रस्ट संभालेगा। ट्रस्ट रोजाना 6000 राम भक्तों को नाश्ता और भोजन कराएगा। स्वामी नारायण मंदिर के महंत इस जिम्मेदारी को निभाने मकर संक्रांति से पहले अयोध्या पहुंचेंगे। महंत स्वामी प्रेम स्वरूप दास पुरी ने बताया कि काशी से 200 सदस्यीय दल अयोध्या जाएगा। इस दल पर ही राममंदिर में भंडारा कराने की जिम्मेदारी रहेगी। खास बात ये कि गुजरात, महाराष्ट्र समेत देश भर से आने वाले श्रद्धालुु सप्ताह के सातों दिन भंडारे में अलग-अलग भोजन का स्वाद चखेंगे।
भोजन में ये होगा शामिल
श्रद्धालुओं के लिए सुबह नाश्ते में पराठा, दही, चाय और आलू भुजिया होगी। दोपहर के खाने में पूड़ी, आलू, मटर, गोभी की सब्जी, मिष्ठान में बूंदी का लड्डू, गुलाब जामुन या मालपुआ रहेगा। शाम में इडली, सांभर, डोसा, उत्तपम आदि होगा। दाल, चावल, आटा, घी, तेल, नमक, मसाला आदि सामान भी काशी से जाएगा। जबकि हरी सब्जियां अयोध्या से ही खरीदी जाएंगी।
काशी अग्रवाल समाज भी कर रहा सहयोग
अयोध्या में श्रद्धालुओं का पेट भरने के लिए काशी अग्रवाल समाज भी आगे आया है। काशी अग्रवाल समाज के सभापति संतोष अग्रवाल ने बताया कि अयोध्या में सेवा करने का परम सौभाग्य प्राप्त हो रहा है। काशी से राशन और खाद्य सामग्रियां ट्रक से अयोध्या भिजवाई जाएंगी।
अन्नूपूर्णा मंदिर के महंत ने भी जताई इच्छा
श्रीराम मंदिर में श्रद्धालुओं का पेट भरने की इच्छा अन्नूपूणाZ मंदिर के महंत ने भी जताई है। महंत शंकर पुरी ने बताया कि 22 जनवरी को प्राण प्रतिष्ठा के दौरान वह अयोध्या में ही रहेंगे। इस दौरान मंदिर प्रशासन से वो वार्ता करेंगे। जैसा निर्देश मिलेगा, वैसा ही करेंगे।