गृहमंत्री अमित शाह ने अभिभावकों से अपील की और कहा कि बच्चे चाहे किसी भी माध्यम में पढ़ते हो, घर के अंदर उनसे अपनी भाषा में बात करिए और उनका आत्मविश्वास बढ़ाइए। उसके मन में अपनी भाषा बोलने के लिए जो झिझक है, उसे निकाल दीजिए।
उन्होंने कहा कि इससे भाषा का तो भला होगा ही, उससे ज्यादा भला बच्चों का होगा, क्योंकि मौलिक चिंतन अपनी भाषा से ही आ सकता है। दूसरी भाषा रटा-रटाया ज्ञान तो दे सकती है मगर ज्ञान को अर्जित करना और उसे आगे बढ़ाने की यात्रा मौलिक चिंतन से ही हो सकती है।
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अखिल भारतीय राजभाषा सम्मेलन
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गृहमंत्री अमित शाह ने कहा कि हिंदी की पढ़ाई और पाठ्यक्रम तैयार करने की चिंता पंडित मदनमोहन मालवीय ने काशी हिंदू विश्वविद्यालय में की थी। यहां तैयार हुए पाठ्यक्रम को पूरे देश भर के विश्वविद्यालयों ने स्वीकार किया था। प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी की पहल पर तैयार नई शिक्षा नीति में भी राजभाषा और स्थानीय भाषाओं को प्राथमिकता दी गई है।
केंद्रीय गृहमंत्री अमित शाह का एक वीडियो सोशल मीडिया पर वायरल हो रहा है। इसमें उन्होंने कहा कि वैसे तो मै गुजराती हूं और लोग यही जानते हैं कि मेरे कई शब्द हिंदी से नहीं होंगे लेकिन सब समझ लेते हैं। उन्होंने कहा मुझे गुजराती से ज्यादा हिंदी पसंद है। गृह मंत्री ने कहा कि रामचरित मानस में आदर्श पति, भाई, पुत्र सहित अन्य चरित्र बताए गए हैं। इसमें शत्रु के रूप में रावण को बताया गया हैं। इसी दौरान उन्होंने लक्ष्मण की जगह भरत का नाम भी लिया। उन्होंने बताया कि भगवान राम ने भरत को रावण के पास सुशासन के ज्ञान के लिए भेजा।