निवेशकों की गाढ़ी कमाई लूटने वाले इंडस वेयर कंपनी के मास्टरमाइंड अरुणेश सीता ने अपनी कंपनी में बालचंद्र चौरसिया को निदेशक बनाया। बनारस सहित पूर्वांचल और अन्य राज्यों में जाल फैलाते हुए कंपनी में आरडी, एफडी और एमआई स्कीम शुरू की। दोनों ने लुभावने ऑफर देकर 300 करोड़ रुपये से अधिक पूंजी इकट्ठा की और कंपनी बंद कर फरार हो गए। भोजपुरी और मराठी फिल्मों के निर्माण में अरुणेश ने काफी पैसा लगाया है। कई फिल्मों का निर्माता भी अरुणेश ही है। हिंदी फिल्म भी उसकी आने वाली है।
कमिश्नरेट पुलिस की पूछताछ में अरुणेश और बालचंद्र ने बताया कि ठगी के 300 करोड़ रुपये से सात-आठ फर्जी कंपनी खोली गई। इन कंपनियों के नाम से विभिन्न महानगरों और राज्यों में रियल इस्टेट, होटल, रेस्टोरेंट, तालाब आदि में निवेश किया। इसके बाद जमीन आदि संपत्ति बेचकर रकम को अपने इस्तेमाल में ले लिया।
इस बीच मुकदमे दर्ज होने पर अपने मूल पते को छोड़ अन्य जगहों पर रह रहे थे। अरुणेश सीता मूल निवासी पटना के मैनपुरा राजापुराम स्थित मां जगदंबा निकेतन का है, जबकि बालंचद्र बलिया फेफना के सिंहपुर चट्टी में अपने गांव में ही सड़क के दूसरी ओर मकान बनवा लिया।
पुलिस आयुक्त ए सतीश गणेश के अनुसार आरोपियों पर अब तक 19 मुकदमे सामने आए हैं। आपराधिक हिस्ट्री खंगाली जा रही है। दोनों आरोपियों पर गैंगस्टर का मुकदमा दर्ज किया जाएगा और अपराध से अर्जित संपत्ति को कुर्क की जाएगी।