गंभीर रूप से झुलसे हुए प्रमेश को परिजन दीनदयाल अस्पताल ले गए, जहां डॉक्टरों ने उसे मृत घोषित कर दिया। ग्रामीणों ने बताया कि दो बेटों का पिता प्रमेश खेती करने के साथ ही एल्युमिनियम स्लाइडिंग का काम करता था। प्रमेश की मौत के बाद उसकी पत्नी नेहा की हालत बेसुधों जैसी थी।
वहीं, पप्पू को बाबतपुर स्थित एक निजी अस्पताल में भर्ती कराया गया है। इस संबंध में एडीएम (वित्त एवं राजस्व) संजय कुमार ने बताया कि मौके पर पिंडरा तहसीलदार गए थे। उन्होंने घटना की जानकारी लेकर परिजनों से संवेदना प्रकट की। पीड़ित परिवारों की सरकारी नियमानुसार मदद की जाएगी।
वाराणसी में शुक्रवार शाम हुई बारिश
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शुक्रवार अलसुबह मौसम ने करवट लिया और बादलों के साथ ही बूंदाबांदी का सिलसिला शुरू हो गया। दिन चढ़ने के साथ ही धूप भी तेज हो गई। शाम को पांच बजे से मौसम का मिजाज फिर बदला और तेज आंधी के साथ बारिश शुरू हो गई। मौसम विभाग के अनुसार अधिकतम तापमान 30 डिग्री सेल्सियस और न्यूनतम तापमान 21.9 डिग्री सेल्सियस दर्ज किया गया। अधिकतम तापमान में सात डिग्री की गिरावट दर्ज की गई, वहीं न्यूनतम तापमान में तीन डिग्री सेल्सियस का बढ़ाव रहा। विभाग के अनुसार 24 घंटे में 0.6 मिलीमीटर बारिश रिकॉर्ड की गई।
तेज हवा के साथ हुई बारिश ने किसानों के माथे पर चिंता की लकीरें गहरी कर दी हैं। बेमौसम बारिश के कारण खेतों में कटी हुई फसल भीग गई और तेज हवा के कारण खड़ी फसल खेतों में गिर गई है। पिछले सप्ताह हुई ओलावृष्टि की वजह से क्षेत्र में फसलों को काफी नुकसान हुआ था और शुक्रवार की शाम को हुई बारिश से किसानों को दोहरी मार झेलनी पड़ेगी। बारिश होने से अनाज के साथ-साथ भूसे के भी लाले पड़ जाएंगे।
सोनबरसां गांव के किसान अंकित श्रीवास्तव, भंदहां के घनश्याम सिंह, बर्थरा खुर्द के नथुनी यादव, अजांव के मदन गोपाल उपाध्याय कहते हैं कि बारिश के चलते किसानों को एक बार फिर झटका लगा है। ओलावृष्टि से जो पहले फसलें बचीं थीं। अब वह भी बर्बाद हो रहीं हैं। बीएचयू के मौसम विज्ञानी प्रो. एसएन पांडेय के अनुसार अगले 24 घंटों तक मौसम का रुख इसी तरह बना रहेगा।