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घूसखोर रेलवे के डीईएन की काली कमाई: फ्लैट, आभूषण और लग्जरी आइटम देख चकराए CBI के अफसर, बैंक खाते खंगाल रही टीम

Wed, 02 Oct 2024 10:21 AM IST
प्रगति चंद अमर उजाला नेटवर्क, वाराणसी।

सार

सीबीआई लखनऊ की टीम ने छापा मारकर वाराणसी स्थित डीआरएम कार्यालय से सीनियर डीईएन सत्यम कुमार सिंह को गिरफ्तार किया। आरोपी अधिकारी के अपार्टमेंट से कैश, आभूषण और लग्जरी आइटम्स बरामद किए गए हैं। 
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डीआरएम कार्यालय व आरोपी डीईएन सत्यम कुमार सिंह - फोटो : अमर उजाला
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विस्तार
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सीबीआई लखनऊ की टीम ने मंगलवार को पूर्वोत्तर रेलवे के मंडल रेल प्रबंधक कार्यालय लहरतारा में तैनात सीनियर डीईएन-टू सत्यम कुमार सिंह को दो लाख रुपये घूस मांगने के आरोप में गिरफ्तार कर लिया। आरोपी अधिकारी के भेलूपुर थाना क्षेत्र के लखराव स्थित अपार्टमेंट से कैश, आभूषण और लग्जरी आइटम्स बरामद किए गए। इस दौरान आरोपी का फ्लैट, आभूषण और लग्जरी आइटम देख अफसर भी चौंक गए। 

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डीआरएम कार्यालय से गिरफ्तार कर आरोपी सत्यम कुमार सिंह को लेकर सीबीआई की टीम उसके लखराव स्थित अपार्टमेंट के फ्लैट पर पहुंची तो यहां नकदी, आभूषण और लग्जरी आइटम्स को देख सीबीआई के अफसर चकरा गए।

सीबीआई टीम के अनुसार, नकदी, आभूषण बरामद किए गए हैं। बैंक खातों व लॉकर आदि खंगाले जा रहे हैं। देर रात में सीबीआई की टीम अधिकारी को लेकर उसके गृह जनपद मिर्जापुर के चुनार गई। वहां अधिकारी के आवास से छह लाख रुपये नकद बरामद किए गए हैं।

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बरेका में दो साल पहले आई थी सीबीआई, गिरफ्तार हुए थे सिविल इंजीनियर

डीआरएम कार्यालय वाराणसी - फोटो : अमर उजाला
16 सितंबर 2022 को सीबीआई की टीम ने बरेका के सीनियर सिविल इंजीनियर ओमप्रकाश सोनकर को तीन लाख रुपये घूस लेते हुए गिरफ्तार किया था। मंगलवार को डीआरएम बिल्डिंग में सीबीआई की कार्रवाई के बीच बरेका प्रकरण भी रेलकर्मियों के जेहन में ताजा हो गई।

राणा नगर काॅलोनी निवासी ओमप्रकाश सोनकर के खिलाफ आय से अधिक संपत्ति मामले में मुकदमा दर्ज किया गया था। ओमप्रकाश पर भी रेलवे के ठेकेदार से घूस लेने का आरोप लगा था। आरोप था कि बिल पास करने के लिए पैसे की मांग की जा रही है।इस बार भी रेलवे ठेकेदार की शिकायत पर ही सीनियर डीईएन टू सत्यम कुमार सिंह के खिलाफ कार्रवाई की गई है।

निजी अंगरक्षक लेकर चलता था सीनियर डीईएन

डीआरएम कार्यालय वाराणसी - फोटो : अमर उजाला
इंडियन रेलवे सर्विस इंजीनियरिंग 2006 बैच के अफसर सत्यम कुमार सिंह की गिरफ्तारी से डीआरएम भवन के अधिकतर अधिकारियों और कर्मचारियों में हर्ष जैसा माहौल है। वहीं, कुछ अधिकारी इसे साजिश करार दे रहे हैं। कुछ कर्मियों ने बताया कि सीनियर डीईएन अपने साथ निजी अंगरक्षक लेकर चलता था। एक अलग ही रूतबे और प्रभाव से रहता था। उच्चाधिकारियों के आदेशों को कई बार दरकिनार कर चुका है। औड़िहार से छपरा तक रेलवे ट्रैक और भवनों की मरम्मत का काम सीनियर डीईएन ही देखता था।

इससे पहले रेल विकास निगम लिमिटेड (आरवीएनएल) में तैनात था। डेढ़ साल पहले ही वह पूर्वोत्तर रेलवे वाराणसी मंडल में सीनियर डीईएन टू के पोस्ट पर तैनात हुआ था। गोरखपुर की एक फर्म को सबसे ज्यादा काम देने का आरोप भी सीनियर डीईएन पर लगा है। सीबीआई की जांच में यह बात भी सामने आई है। अपने रिश्तेदारों और उनके करीबियों के फर्म को बड़ा काम दिया गया।
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इंजीनियरिंग के एक और अधिकारी की भूमिका संदेह के दायरे में

डीआरएम भवन में इंजीनियरिंग के एक और अधिकारी की भूमिका भी संदेह के दायरे में है। अधिकारी के इशारे पर ही सत्यम कुमार सिंह बिल पास करता और रोकता था। उसके रिश्तेदारों और उनके करीबियों के फर्म को ही अधिकतर काम दिए जाते थे। इसकी भी जांच शुरू हो चुकी है।
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