औषधि निरीक्षक सौरभ दूबे ने बताया कि चंदौली जिले में खून की तस्करी करने वाले से बरामद तीन यूनिट रक्त के आईएमए ब्लड बैंक का होने का शक था, जिसके बाद छापेमारी की कार्रवाई की गई। उपलब्ध दस्तावेजों की जांच के बाद यह पाया गया कि ब्लड बैंक द्वारा गलत तरीके से खून का संचरण कर बिना कागजी कार्रवाई के बाहर भी बेचा जा रहा है।
इससे चंदौली में बरामद खून के आईएमए का होने की भी पुष्टि होती है। इसके बाद मौके पर रिपोर्ट तैयार कर औषधि नियंत्रक भारत सरकार तथा औषधि नियंत्रक उत्तर प्रदेश को भेजी गई है। सौरभ दूबे ने बताया कि रिपोर्ट की कॉपी जिला प्रशासन के उच्चाधिकारियों को भी दी गई है, साथ ही मौके पर ही आईएमए अध्यक्ष को भी दी गई है।
औषधि निरीक्षक सौरभ दूबे ने बताया कि आईएमए ब्लड बैंक में छापेमारी के दौरान जो खामियां मिली हैं, इसके बाद यहां नए रक्तदान पर पूरी तरह रोक लगा दी गई है। जनहित को ध्यान में रखते हुए उपलब्ध खून को स्टॉक उपलब्ध रहने तक जरूरतमंद मरीजों को देने की छूट दी गई है। अगले आदेशों तक ब्लड बैंक में किसी भी प्रकार के नए रक्तदान की अनुमति नहीं है।