संत रविदास की जन्मस्थली रविदास शक्ति अमर रहे, जो बोले सो निर्भय...के जयकारों से गूंज उठी। शनिवार को संत निरंजन दास ने जैसे ही संगत को नामदान दिया तो सभी ने गुरुचरणों में नमन किया। संत रविदास को पुष्प अर्पित करके रविदासिया धर्म की शिक्षाओं का अनुसरण करने का संकल्प भी लिया।
सीरगोवर्धन में संत निरंजन दास ने देश के कई राज्यों से आई संगत को आशीर्वाद के साथ ही गुरुदीक्षा दी। विधि-विधान से शिष्यों को संत रविदास की शिक्षाओं के अनुसरण करने का संदेश दिया। मंदिर परिसर संत रविदास के जयकारों से गूंज रहा था।