यहां के सेंटर में 22 लोग दो दिन रहे, फिर अपने घर चले गए
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रखे गए थे नौ लोग, दो दिन में ही हो गए सात
धर्मापुर क्षेत्र के किरतापुर गांव के प्राथमिक विद्यालय में बने क्वारंटीन सेंटर में 30 मार्च को दिल्ली, मुंबई, इंदौर, जोधपुर से आए नौ लोगों को रखा गया था। चारपाई, गद्दा, भोजन आदि का भी इंतजाम था। वर्तमान में यहां सिर्फ सात लोग रह रहे हैं। दो लोग एक अप्रैल को ही घर चले गए। बाकी सात में से भी चार रोजाना घर आ-जा रहे हैं।
सुबह स्नान, भोजन वह घर पर ही करते हैं और फिर कुछ देर के लिए विद्यालय में आ जाते हैं। प्रधान विनोद यादव का कहना है कि इस बारे में सीएचसी पर सूचना दे दी गई है। क्वारंटीन सेंटर में रहने वाले लोग रोजाना घर जाने की जिद करते हैं। सीएचसी प्रभारी डॉ. मनोज कुमार ने कहा कि टीम के साथ गांव में पहुंचकर स्थिति का जांच करेंगे। नियम तोड़ने वालों के बारे में उच्चाधिकारियों को सूचना दी जाएगी।
एक सेंटर में मिले 11 लोग, बाकी पर ताला बंद
बाहर से आए लोगों को गांव में क्वारंटीन करने की व्यवस्था विफल हो गई है। विकासखंड सुईथाकला के मयारी, सवायन, रुधौली, डीहअसरफाबाद, लालापुर, सरपतहा के पूर्व व प्राथमिक विद्यालय में बने क्वारंटीन सेंटर्स पर बृहस्पतिवार को ताला लटका मिला। कागजों में ये सभी केंद्र चालू हैं। जूनियर हाईस्कूल सुकरनाकला में लोग एक-दूसरे से दूरी बनाकर दोपहर का भोजन करते मिले।
यहां दिल्ली से लौटे कुल 11 लोग रखे गए हैं, जिनके रहने, खाने-पीने, सोने की व्यवस्था की गई है। हालांकि यहां भी चार दिन से डॉक्टर के न आने की लोग शिकायत करते रहे। रुधौली के प्रधान प्रतिनिधि गोपेश तिवारी, मयारी के प्रधान संतोष सिंह, डीहअसरफाबाद के प्रधान प्रतिनिधि रमेश चंद्र शुक्ल ने बताया कि गांव के विद्यालयों में उन्होंने सारी व्यवस्थाएं की हैं।
क्वारंटीन सेंटर पर लोग अपने घर आ-जा रहे
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बेड, गद्दा, तकिया, साबुन सब रखवाया है, लेकिन बाहर से आने वाले लोग एक-दो दिन रहकर अपने घर चले गए और फिर वापस नहीं लौट रहे। हम किसी को जबरदस्ती नहीं ला सके। वहीं सवायन के प्रधान ललित दीक्षित ने बताया कि गांव में विभिन्न राज्यों से करीब 80 लोग आए हैं, जिसकी सूची ब्लाक मुख्यालय व सीएचसी सुईथा को सौंप दी गई है। अभी तक कोई भी चिकित्सक उनकी जांच को नहीं पहुंचा है।
कोरोना से बचाव के लिए बाहर से आने वाले हर व्यक्ति को 14 दिन क्वारंटीन नियम के पालन का निर्देश दिया गया है। सभी थानाध्यक्ष, स्वास्थ्य टीम, राजस्वकर्मी व प्रधान के माध्यम से इसकी निगरानी कराई जा रही है। अगर कोई भी क्वारंटीन के नियमों कर उल्लंघन करते पाया गया तो उसके विरुद्ध केस दर्ज करने के निर्देश दिए गए हैं। अगर इसमें भी कोई लापरवाही बरत रहा तो उस पर कार्रवाई होगी।
दिनेश कुमार सिंह, जिलाधिकारी।