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शहीद रमेश के पिता ने कहा- नहीं जाऊंगा श्मशान घाट, ये है परिजनों के नाराजगी की वजह

Fri, 22 Feb 2019 10:25 AM IST
Sayali Maurya न्यूज डेस्क,अमर उजाला,वाराणसी
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- फोटो : amar ujala
पुलवामा के आतंकी हमले में शहीद हुए वाराणसी के सीआरपीएफ जवान रमेश यादव का शव शनिवार को शनिवार सुबह उनके पैतृक गांव तोफापुर पहुंचा। शव पहुँचने के बाद घर में कोहराम मच गया। बेटे का शव देखकर पत्नी, मां और पिता की आंखों के आंसू थमने का नाम नहीं ले रहे थे। इसी बीच प्रशासन रमेश का शव अंतिम संस्कार के लिए ले जाने लगा। जिस पर शहीद रमेश के परिवार और प्रशासन के बीच में अंत्येष्टि को लेकर विवाद हो गया। देखें आगे की स्लाइड्स में...
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- फोटो : amar ujala
शहीद रमेश के पिता श्यामनारायण यादव ने बताया कि उनका बड़ा बेटा राजेश यादव कर्नाटक से आ रहा है। वह अभी रास्ते में है, उसके आने का इंतजार कर लिजिए। इसके बाद अंतिम संस्कार करा लिजिएगा। लेकिन जिला प्रशासन नहीं माना और पार्थिव शरीर को अंतिम संस्कार के लिए ले जाने लगा। तोफापुर के ग्रामीणों ने इसका विरोध किया और जिला प्रशासन मुर्दाबाद का नारा लगाया। 
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- फोटो : amar ujala
बता दें कि शहीद रमेश के बड़े भाई राजेश यादव कर्नाटक में दूध का व्यवसाय करते हैं। एसडीएम सदर संजीव कुमार ने शुक्रवार को राजेश से बात की तो राजेश ने गोवा तक आने की बात कहीं थी। इस पर एसडीएम सदर ने कहा था कि वहां से आने का इंतज़ाम आपका जिला प्रशासन करेगा। इसके बाद शुक्रवार शाम राजेश गोवा एयरपोर्ट पहुंच गए पर अभी तक उनके वहां से आने की कोई व्यवस्था नहीं हो पाई है और वो एयरपोर्ट के बाहर ही बैठे हुए हैं।

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- फोटो : amar ujala
पिता श्यामनारायण ने कहा कि जिला प्रशासन हमारी नहीं सुन रहा है। सब अपनी मर्ज़ी की कर रहा है यहाँ तक की शहीद की पत्नी की भी कोई सुनवाई नहीं हो रही है। परिजनों ने कहा कि जब यही करना था तो शव यहां लाए ही क्यों? श्यामनारायण जिद पर अड़ गए और बोले मैं श्मशान घाट जाऊंगा ही नहीं। इसी बीच सपा जिलाध्यक्ष डॉ. पीयूष यादव पहुंच गए उन्होंने कहा यह मनमानी ठीक नहीं है। परिजनों की राय पर अंतिम संस्कार होना चाहिए।
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- फोटो : amar ujala
वहीं, मौके पर पहुंचे मंत्री अनिल राजभर शहीद परिवार को समझाने का प्रयास करने लगे। शहीद का परिवार नहीं माना और अपनी जिद पर अड़ा रहा। इसी बीच जवान रमेश यादव के प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के प्रतिनिधि के रूप में पहुंचे केंद्रीय मंत्री महेश शर्मा श्रद्धांजलि देने पहुंचे। जहां महेश शर्मा को ग्रामीणों के गुस्से का सामना करना पड़ा। इस दौरान जब उनसे जिला प्रशासन की चूक के बारे में बात की गई तो उन्होंने हाथ जोड़ के इसके लिए माफ़ी मांगी और कार्रवाई की बात कही।
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ramesh yadav - फोटो : amar ujala
महेश शर्मा ने कहा कि मुझे प्रधानमंत्री जी ने अपना प्रतिनिधि बनाकर यहां भेजा है। हमारी और प्रदेश की सरकार शहीद के परिवार को आर्थिक सहायता देने के साथ-साथ उनके मान सम्मान का पूरा ख्याल रखेगी। उनके परिवार, पत्नी और बच्चे के भविष्य के लिए हमारी केंद्र और राज्य सरकारें हर संभव मदद करेंगी। 
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- फोटो : amar ujala
महेश शर्मा ने शहीद के पिता को ढांढस बंधाते हुए बताया कि मोदी जी ने कहा है कि आतंकियों को सख्त से सख्त सज़ा दी जाएगी। शहीद रमेश के पिता अब हमारे पिता और उनकी पत्नी देश की बेटी हैं इनका ख्याल रखना अब हम सब की ज़िम्मेदारी है। वहीं जिला प्रशासन की तरफ से हुई इस चूक के लिए महेश शर्मा ने हाथ जोड़कर माफी मांगी और कहा कि हमसे गलती हुई है हम इस संबंध में निश्चित कार्रवाई करेंगे।
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इसी बीच महेंद्रनाथ पांडेय और मनोज सिन्हा भी शहीद के घर श्रद्धांजलि देने पहुंचे। मनोज सिन्हा ने कहा कि पूरा देश शहीद के परिवार के साथ खड़ा है। प्रधानमंत्री की बात बेहद स्पष्ट है और देश इस हमले का बदला लेगा। मनोज सिन्हा ने कहा कि शहादत का कोई मुआवजा नहीं होता। अभी सरकार की जितनी शक्ति है उतना प्रयास कर रही है। वहीं, महेंद्रनाथ पांडेय ने कहा कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी और मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने शहीद परिवार से जो वादे किए है। उसे जरूर पूरा करेंगे। 
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