काशी हिंदू विश्वविद्यालय में 25 मई को हुई घटना के विरोध में पूर्व घोषित प्रदेशव्यापी आंदोलन के तहत आम आदमी पार्टी कार्यकर्ताओं ने शुक्रवार को जिला मुख्यालय पर विरोध मार्च निकाला। इस दौरान घटना की उच्चस्तरीय जांच कर दोषियों के खिलाफ सख्त कार्रवाई की मांग की गई। साथ ही, बीएचयू के कुलपति की बर्खास्तगी की मांग करते हुए राष्ट्रपति को संबोधित ज्ञापन जिलाधिकारी को सौंपा गया।
वक्ताओं ने कहा कि आम आदमी पार्टी के कार्यकर्ता साइबर लाइब्रेरी 24 घंटे खोलने के लिए अनशन कर रहे छात्रों को समर्थन देने के लिए 25 मई को शांति मार्च निकालते हुए अनशन स्थल पर जा रहे थे। रास्ते में ही कुलपति की शह पर आरएसएस, एबीवीपी आदि सांप्रदायिक संगठनों के लोगों और सुरक्षाकर्मियों ने महिलाओं के साथ अश्लीलता, गाली-गलौज तथा जानलेवा हमला किया।
वक्ताओं ने कहा कि बीएचयू में पूर्णरूप से सांप्रदायिक और अलोकतांत्रिक विचारों का कब्जा हो गया है। बीएचयू की वैश्विक छवि धूमिल हो रही है। कार्यकर्ताओं ने मांग उठाई कि छात्रों का निलंबन तत्काल रद्द किया जाए। साथ ही हमले के जिम्मेदार कुलपति को बर्खास्त किया जाए। प्रदर्शन में आकिब खान, अब्दुल्लाह खां, विनोद जायसवाल, मोहसिना, अंजना सिंह, रंजूबाला, राजीव शुक्ला, कमलेश दूबे, राज कुमार गुप्ता, अनीता यादव प्रमुख रहे। प्रदर्शन का नेतृत्व हरिशंकर सिंह ने किया।