आईपीडीएस योजना के तहत मलदहिया के पास काम चल रहा है। कार्यदायी संस्था ने सीवर और पेयजल की पाइपलाइन में बिजली के तार डाल दिए। इसके बाद बिजली निगम और जलकल अधिकारियों के बीच बहस हुई। मामला पुलिस तक भी पहुंचा। इसके बाद तार हटाए गए।
ग्रामीण इलाकों में भी पेयजल संकट
पिंडरा बाजार में पाइपलाइन में लीकेज के चलते लोग दूषित पेयजल पीने को विवश हैं। क्षेत्र के रमेश जायसवाल और अनूप जायसवाल ने कहा कि यदि लीकेज पाइप को जल निगम ने ठीक नही कराया तो बाजार के सभी लोग कनेक्शन कटवाएंगे। मिर्जामुराद में भी दूषित पेयजल का संकट है।
क्षेत्र के अजित यादव, नीलेश तिवारी, गौरव गुप्ता, मनीष गुप्ता, विनोद सोनकर ने कई बार शिकायत की, लेकिन कुछ नहीं हुई। कछवा रोड के सार्वजनिक स्थानों पर लगे सरकारी हैंडपंप खराब हैं। इससे ठटरा, चित्रसेनपुर, छतेरी, गुड़िया, बिहड़ा सहित अन्य गांवों के लोग परेशान हैं।
एक नजर में
1892 - शहर में शुरू हुई जलापूर्ति
20.83 लाख -जनसंख्या
168 - नलकूप
133- मिनी नलकूप
1500 किमी-पाइप लाइनों की लंबाई
100-वार्ड
1906 -हैंडपंपों की संख्या
वर्जन
दूषित जलापूर्ति की चुनौती से निपटने के लिए ही टैंकर लगाए गए हैं। समस्या के समाधान के लिए मौके पर जलकल के कर्मचारी लगे हैं। हर वार्ड में दो सुपरवाइजर और एक कर्मचारी की तैनाती की जा रही है। - संदीप श्रीवास्तव, पीआरओ, नगर निगम
नगर आयुक्त अक्षत वर्मा ने जलकल परिसर का निरीक्षण किया। बेहतर जलापूर्ति की हिदायत जलकल महाप्रबंधक को दी। साथ ही डिमांड और आपूर्ति रजिस्टर को मेंटेन करने के साथ ही फील्ड में कर्मचारियों को लगाने और गर्मी को ध्यान में रखकर पानी की आपूर्ति सुनिश्चित कराने की जिम्मेदारी दी। इस दौरान अभियंताओं से क्षेत्र में आने वाली समस्याओं के बारे में पूछा।
सेप्टिक टैंक साफ कराने के लिए जलकल के कंट्रोल रूम में करें फोन
वाराणसी। सेप्टिक टैंक की सफाई के लिए जलकल के कंट्रोल रूम के मोबाइल नंबर 8935000976 पर फोन कर सकते हैं। इसी सिलसिले में नगर आयुक्त अक्षत वर्मा ने मंगलवार को नगर निगम में बैठक की और कहा कि सेप्टिक टैंकों की सफाई ठीक से कराएं।
नियमानुसार, हर तीन साल में सेप्टिक टैंकों की सफाई होती है।सफाई से भवनों में होने वाली सीलन, प्रदूषण से बचा जा सकता है। सेप्टिक टैंक साफ कराने के लिए ढाई हजार रुपये का दर निधारित किया गया है।