वरिष्ठ पत्रकार चंचल ने कहा कि पं. कमलापति त्रिपाठी लोकतांत्रिक संस्कृति के आदर्श राजनेता थे। वह आंदोलनों के गर्भ से ही निकले राजनेता थे और लोकतंत्र में आंदोलनों की महत्ता के साथ मतभेद एवं मनभेद के अंतर का मर्म समझते थे। वह रविवार को पं. कमलापति त्रिपाठी फाउंडेशन की ओर से पूर्व मुख्यमंत्री की जयंती समारोह के अवसर पर आयोजित ऑनलाइन व्याख्यानमाला को संबोधित कर रहे थे।
कांग्रेस के पूर्व महामंत्री ओंकार सिंह ने कहा कि कमलापति त्रिपाठी विकास की राजनीति के अनुकरणीय आदर्श थे। उत्तर प्रदेश और विशेषत: पूर्वांचल के विकास पर उनके योगदान की स्थायी छाप है। सिंचाई, बिजली और शिक्षा के साथ रेलवे के क्षेत्र में उनके विकास संबंधी योगदान को भुलाया नहीं जा सकता। इस दौरान विजय शंकर पांडेय, बैजनाथ सिंह, जयकृष्ण अन्नू आदि मौजूद रहे।