बीएचयू सपुरस्पेशियलिटी ब्लॉक का चौथा तल पूरा कार्डियोलॉजी विभाग के मरीजों के लिए आवंटित करने, एमएस को हटाए जाने की मांग को लेकर प्रोफेसर ओमशंकर के अनशन के आठवें दिन बीएचयू प्रशासन ने सख्त रुख अपनाते हुए अपनी सफाई जारी की है। इसके माध्यम से यह संदेश दिया गया है कि बेड किसी कीमत पर बढ़न वाले नहीं है।
आईएमएस बीएचयू के निदेशक प्रो.एसएन संखवार का कहना है कि कार्डियोलॉजी विभाग को अधिक बेड आवंटित किया गया है। इसका उपयोग नहीं हो पा रहा है। साथ ही विभाग को आवंटित बेड पर किसी तरह का कोई डिजिटल लॉक भी नहीं लगा है। सभी आवंटित बेड उपयोग के लिए उपलब्ध हैं।
बीएचयू हृदय रोग विभागाध्यक्ष प्रो.ओमशंकर 11 मई से हृदय रोग विभाग में अनशन पर हैं। इस बीच शिक्षकों, छात्रों, अधिवक्ताओं ने अपना समर्थन भी दिया है। आईएमएस निदेशक का कहना है कि डिजिटल लॉक को लेकर जिस तरह भ्रामक प्रचार किया जा रहा है, वह निंदनीय है।
हृदय रोग विभाग को सुपर स्पेशियलिटी ब्लॉक में 61 बेड आवंटित किये जा चुके हैं, जो कि विभाग को पूर्व में आवंटित बेड से 13 अधिक हैं। राष्ट्रीय आयुर्विज्ञान आयोग के तय मानक अनुसार कार्डियोलॉजी विभाग को पहले से ही निर्धारित संख्या से अधिक बेड आवंटित किये गये हैं, जो उपयोग के लिए पूरी तरह तैयार हैं एवं इन पर किसी भी प्रकार का कोई डिजिटल लॉक नहीं लगा है।
निदेशक प्रो.एसएन संखवार ने कहा कि कार्डियोलॉजी विभागाध्यक्ष प्रो. ओमशंकर द्वारा बीएचयू अस्पताल के चिकित्सा अधीक्षक और विश्वविद्यालय प्रशासन पर लगाए जा रहे आरोपों का कोई आधार नहीं है। यह निंदनीय है। अस्पताल में कार्डियोलॉजी विभाग द्वारा अधिक बेड पर अधिपत्य होने से अन्य विभाग राष्ट्रीय आयुर्विज्ञान आयोग के मानक को पूरा नहीं कर पा रहे हैं।
पाठ्यक्रमों के संबंध में आयोग द्वारा विभागों को मिलने वाली आवश्यक मंजूरी प्राप्त करने में तो बाधा आती ही है, मरीजों को चिकित्सा सेवाएं उपलब्ध कराने में भी चुनौतियां आ रही हैं। अस्पताल पर निरंतर बढ़ते दबाव की वजह से किसी भी विभाग को आवश्यकता व तय मानक से अधिक बेड आवंटित करना संभव नहीं है।
अपने ही आदेश से मुकर रहे हैं निदेशक - प्रो.ओमशंकर
बीएचयू प्रशासन के पक्ष को लेकर हृदय रोग विभागाध्यक्ष प्रो. ओमशंकर का कहना है कि निदेशक अपने 8 मार्च 2024 को दिए गए आदेश से मुकर रहे हैं। इसमें उन्होंने सुपरस्पेशियलिटी ब्लॉक का चौथा तल पूरा और पांचवें तल पर निर्धारित जगह विभाग को देने की बात कही थी। साथ ही एमएस को हटाए जाने पर भी कोई फैसला नहीं हुआ है। अधिक बेड आवंटित करने की बात भी नियमानुसार गलत है। जब तक मांग पूरी नहीं हो जाती है तब तक अनशन जारी रहेगा।