दूसरी ओर प्रभावित पक्ष ने जिलाधिकारी को प्रार्थना पत्र देकर कार्रवाई पर आपत्ति जताई है। उनका कहना है कि सड़क किनारे कई अन्य भवन भी बने हुए हैं, लेकिन कार्रवाई केवल दो परिवारों तक सीमित रखी जा रही है। उन्होंने बताया कि पहले सड़क चौड़ीकरण के लिए 72 फीट तक भूमि अधिग्रहण की बात कही गई थी और सभी भवन स्वामियों को उसी आधार पर नोटिस दिए गए थे। उनका कहना है कि वे सड़क चौड़ीकरण के लिए आवश्यक भूमि देने को तैयार हैं, लेकिन पूरे मकान को गिराना न्यायसंगत नहीं होगा।
ग्रामीणों ने भी प्रशासन से पूरे क्षेत्र की एक समान पैमाइश कर सभी अतिक्रमणों पर निष्पक्ष कार्रवाई की मांग की। उनका कहना था कि यदि केवल दो मकानों को हटाया गया तो पीछे स्थित अन्य निर्माण सड़क के सामने आ जाएंगे, जिससे भेदभाव की स्थिति पैदा होगी।
मौके पर नायब तहसीलदार आशुतोष, सुजीत यादव, लेखपाल सलमान, कानूनगो राजेश यादव, पंकज सिंह सहित राजस्व एवं पीडब्ल्यूडी विभाग के अधिकारी मौजूद रहे। प्रशासन का कहना है कि आगे की कार्रवाई हाईकोर्ट के आदेश एवं नियमानुसार ही की जाएगी।