जिले में जिस तरह डेंगू का प्रकोप बढ़ता जा रहा है, उसको लेकर अब स्वास्थ्य विभाग की ओर से लोगों को जागरूक किया जा रहा है। इसमें विशेषकर गर्भवती महिलाओं को सावधानी बरतने की सलाह दी जा रही है। दीनदयाल अस्पताल परिसर में एमएसीएच विंग में तैनात स्त्री रोग विशेषज्ञ डॉ. रश्मि सिंह ने कहा कि गर्भावस्था में महिलाओं के लिए अंतिम तीन माह बहुत महत्वपूर्ण होते हैं। इसमें संक्रमण का खतरा अधिक रहता है।
स्त्री रोग विशेषज्ञ डॉ. रश्मि ने बताया कि गर्भावस्था के दौरान रोग प्रतिरोधक क्षमता काफी कमजोर होती है। डेंगू का संक्रमण गर्भवती के लिए काफी घातक हो सकता है। डेंगू होने पर गर्भवती में रक्तस्राव का खतरा रहता है और यह स्थिति उसे गर्भपात तक ले जा सकती है। जन्म के बाद बच्चे में भी डेंगू का वायरस ट्रांसमिट हो सकता है। इसलिए गर्भवती को डेंगू से अलर्ट रहना चाहिए। ऐसे में घर के अंदर और बाहर पानी जमा न होने, नियमित साफ-सफाई करने, बिना मच्छरदानी के न सोने आदि का पालन करना चाहिए। यदि किसी गर्भवती महिला को डेंगू हो जाता है तो बिना देरी के तुरंत चिकित्सक को दिखाना चाहिए और डॉक्टर के सलाह के बिना कोई भी दवा नहीं लेनी चाहिए।