राम मंदिर के नाम पर सत्ता में आई भारतीय जनता पार्टी अब मंदिर निर्माण से पीछे हट रही है। संसद में कानून बना कर मंदिर निर्माण का पीएम और उनकी पार्टी ने वादा किया था। अब चार साल का कार्यकाल पूरा हो चुका है। मंदिर निर्माण के लिए अब 21 अक्टूबर को लखनऊ से अयोध्या कूच अभियान की शुरूआत की जायेगी। उक्त बातें विहिप के पूर्व अंतर्राष्ट्रीय अध्यक्ष प्रवीण भाई तोगड़िया ने शुक्रवार को आजमगढ़ जिले के बद्दोपुर में आयोजित प्रेसवार्ता के दौरान कहीं ।
उन्होंने कहा कि राम मंदिर का निर्माण हिन्दू आस्था का प्रश्न है। मंदिर मुद्दे पर भारतीय जनता पार्टी सत्ता में आयी है, चुनाव घोषणा पत्र में सरदार पटेल की भांति संसद में कानून बनाकर राममंदिर निर्माण का वादा किया गया था। लेकिन साढ़े चार वर्ष का कार्यकाल पूरा हो जाने के बाद भी अब तक कोई प्रयास नहीं हुआ।
उन्होंने कहा कि वर्तमान में केंद्र में और प्रदेश दोनों स्थानों पर भाजपा की पूर्ण बहुमत की सरकार है। ऐसे में अब मंदिर नहीं बनेगा तो कब बनेगा। मंदिर निर्माण के लिए आठ करोड़ हिन्दूओं ने सवा-सवा रुपये दिए हैं। इसके साथ ही तीस करोड़ लोगों ने मंदिर की नींव में रखने के लिए शिला दिया है। लाखों कारसेवक देशभर से अयोध्या आये थे, जिसमें सैकड़ों ने बलिदान दिया।
इन सभी की इच्छा है कि अयोध्या में राम जन्म भूमि पर भव्य मंदिर का निर्माण हो। संसद में जीएसटी, तीन तलाक का कानून बनाया गया लेकिन जिस राममंदिर निर्माण के नाम पर पूर्ण बहुमत की सत्ता पायी, उसके लिए अब तक कोई प्रयास ही नहीं किया गया। जिन लोगों ने शिला पूजन करवाया था, उसमें मैं भी शामिल था
। शिला पूजन कराने वालों की जिम्मेदारी है कि वह मंदिर निर्माण के लिए काम करें। मैं तो कर रहा हूं लेकिन सत्ता पाने वाले पीछे हट रहे है। वर्तमान में हिन्दू मांगपत्र पर हस्ताक्षर अभियान चलाया जा रहा है जो विजयादशमी तक चलेगा। उसके पश्चात 21 अक्टूबर को लखनऊ से अयोध्या कूच अभियान की शुरूआत की जायेगी। हस्ताक्षर अभियान के मांगपत्र में अयोध्या, काशी और मथुरा में मंदिर निर्माण, सस्ती शिक्षा, युवाओं को रोजगार आदि की मांग की गई है।