दुनिया भर से आने वाले प्रवासी भारतीयों की खातिरदारी की तैयारी अब तक आधी अधूरी है। टेंट सिटी में 14 सौ से ज्यादा प्रवासियों को ठहराने का योजना है, मगर अब तक न वहां टेंट तैयार हो पाए हैं और न ही प्रवासियों का रूट दुरुस्त किया जा सका है। लापरवाही का आलम यह है कि टेंट सिटी के भीतरी मार्गों को भी तैयार नहीं किया गया।
तीन दिवसीय प्रवासी भारतीय सम्मेलन में महज 18 दिन शेष बचे हैं, मगर टेंट सिटी से लेकर मुख्य मार्ग और हस्तकला संकुल तक में व्यवस्थाएं लचर हैं। जिस गति से काम किया जा रहा है, उससे सम्मेलन से पहले काम पूरा होना मुश्किल ही दिख रहा है।
21 जनवरी से शुरू होने वाले सम्मेलन में आने वाले मेहमान बाबतपुर एयरपोर्ट से भोजूबीर-सिंधोरा मार्ग से बड़ा लालपुर स्थित हस्तकला संकुल और स्टेडियम में जाएंगे। इस मार्ग का चौड़ीकरण किया जाना था, मगर अब तक 50 फीसदी काम भी पूरा नहीं हो पाया। करीब दो किलोमीटर से ज्यादा सड़क पर सीवर का काम लंबित है।
रिंग रोड के किनारे 600 से ज्यादा टेंट बनने हैं, मगर अब तक 100 टेंट भी तैयार नहीं हो पाए हैं। जबकि टेंट बनने के साथ ही फर्श पर बोर्ड और इंटीरियर का काम भी होना है। यहां काम की रफ्तार बहुत ही धीमी है। प्रवासियों को हस्तकला संकुल और शहर में ले जाने के लिए टेंट सिटी के सामने की सड़क का उपयोग किया जाना है, मगर इस सड़क पर अब तक खुदाई का काम ही किया जा रहा है।
विदेश मंत्री फटकार के बाद भी समतलीकरण नहीं
सम्मेलन को लेकर चल रहा काम
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24 दिसंबर को वाराणसी दौरे पर आई विदेश मंत्री सुषमा स्वराज ने टेंट सिटी में समतलीकरण ठीक नहीं होने पर फटकार लगाई थी। बावजूद इसके अब तक समतलीकरण नहीं किया गया। टेंट सिटी में काम कर रही एजेंसी के लोगों का कहना है कि टेंट बनने के बाद खाली रास्तों को रोलर के जरिए समतल किया जाएगा, जबकि समतलीकरण नहीं होने से टेंट के अंदर की फर्श के उबड़ खाबड़ होने की आशंका है।
वहीं हस्तकला संकुल के सामने स्टेडियम में प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी और मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ सहित अन्य अतिथि प्रवासियों से संवाद करेंगे। यहां पीएम, राज्यपाल, सीएम लाउंज भी तैयार किया जा रहा है। यहां कुछ जगहों पर काम के लिए टेंडर प्रक्रिया अभी होने से काम शुरुआती दौर में है।
उधर, मुख्य सचिव डा. अनूप चंद्र पांडेय गुरुवार को प्रवासी भारतीय सम्मेलन की तैयारियों की समीक्षा के लिए वाराणसी आएंगे। इससे पहले मंडलायुक्त दीपक अग्रवाल और पुलिस महानिरीक्षक विजय सिंह मीना ने आयोजन स्थल का का निरीक्षण किया। इस दौरान एजेंसी को काम तेज करने का निर्देश दिया।
वहीं आयोजन स्थल के नामकरण तय कर लिए गए हैं। टेंट सिटी को प्रवासी भारतीय सम्मेलन की शुरुआत करने वाले पत्रकार लालेश्वर अग्रवाल नगर नाम दिया जाएगा। व्याख्यान वाले सभागार को स्वामी विवेकानंद और राष्ट्रपति व प्रधानमंत्री के कार्यक्रम स्थल को अटल सभागार का नाम दिया जाएगा। इसके अलावा स्टेडियम में लगने वाली प्रदर्शनी को पूर्व प्रधानमंत्री अटल बिहारी बाजपेयी का नाम दिया जाएगा।