वाराणसी के पहड़िया स्थित एक अपार्टमेंट से व्यापारियों के 41 लाख रुपये हड़पने के मामले में सारनाथ थानाध्यक्ष रहे इंस्पेक्टर परम हंस गुप्ता का निलंबन सुर्खियों में है। हालांकि एक कड़वी सच्चाई यह भी है कि जो दरोगा या इंस्पेक्टर सारनाथ थाने का थानेदार बनते हैं वह कमिश्नरेट में लगातार दूसरी बार थानेदारी नहीं कर पाते। इसकी गवाही पिछले 10 थानेदारों के कार्यकाल देते हैं।
सारनाथ थाने के थानेदार रविवार को सब इंस्पेक्टर विवेक त्रिपाठी तैनात किए गए। इससे पहले थानेदार रहे इंस्पेक्टर परम हंस गुप्ता को पुलिस आयुक्त द्वारा निलंबित किया गया। इंस्पेक्टर परम हंस से पहले इंस्पेक्टर उदय प्रताप सिंह को लाइन हाजिर किया गया था।
इंस्पेक्टर बृजेश कुमार सिंह, इंस्पेक्टर उपेंद्र सिंह और इंस्पेक्टर धर्मपाल सिंह का गैर जनपद तबादला हुआ था। सब इंस्पेक्टर अर्जुन सिंह, सब इंस्पेक्टर नागेश सिंह, इंस्पेक्टर भूपेश राय और इंस्पेक्टर इंद्रभूषण यादव को लाइन हाजिर किया गया था। इंस्पेक्टर विजय शंकर सिंह का गैर जनपद तबादला हुआ था और इंस्पेक्टर विजय बहादुर सिंह लाइन हाजिर किए गए थे।