प्रवीण कुमार सिंह ने कहा कि बढ़ते अपराध और अपनी सुरक्षा के लिए खुद आवाज उठानी होगी। छात्राओं में किसी ने फेक आईडी बनाकर परेशान करने तो किसी ने स्कूल, कोचिंग आवाजाही के दौरान परेशान करने की जानकारी दी। सहायक पुलिस आयुक्त ने कहा कि घटना चाहे छोटी हो या बड़ी, उसे नजरअंदाज नहीं करना चाहिए।
पुलिस आपकी मदद के लिए हमेशा तैयार है। इसके लिए थानों के चक्कर भी नहीं लगाने की जरूरत है। इस दौरान छात्राओं ने भी महिला, साइबर अपराध, एंटी रोमियो से जुड़े सवाल पूछे, जिसका एसीपी ने एक शिक्षक के रूप में जवाब दिया। कार्यक्रम में विद्यालय की निदेशक डॉ. शालिनी शाह, प्रधानाचार्य नीति जायसवाल, चीफ एडमिनिस्ट्रेटर रीना सिंह व डिप्टी मैनेजर अभिनव भट्ट मौजूद रहे।
गोपी राधा बालिका इंटर कॉलेज में लगी पुलिस की पाठशाला
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सहायक पुलिस आयुक्त प्रवीण सिंह ने बताया कि फेसबुक और व्हाट्सएप के जरिये अपराध तेजी से बढ़ रहा है। फेक आईडी से अश्लील मैसेज, फोटो वायरल करने के साथ ही ऑनलाइन हैकिंग जैसे अपराध बढ़ रहे हैं। अगर कोई फोन या मैसेज करके, स्कूल-कोचिंग आने-जाने के दौरान रास्ते में परेशान कर रहा है तो हेल्पलाइन की मदद ले सकती हैं। इसमें शिकायतकर्ता का नाम, पता सब गोपनीय रखा जाता है।
छात्राओं के सवाल
साइबर अपराध होने पर सबसे पहले क्या करना चाहिए - प्रज्ञा मिश्रा, कक्षा 12
जब भी किसी घटना का शिकार हों, उसकी सूचना नजदीकी थाने पर तुरंत देनी चाहिए। थाने पर जाने से कभी भी डरे नहीं, बेझिझक अपनी समस्याओं को बताएं।
कॉलेज से निकलते समय रास्ते में कोई परेशान करता है तो कहां और किससे शिकायत करें - तनिशा पटेल, कक्षा 12
लड़कियों के साथ हुए किसी भी अपराध के लिए क ई हेल्पलाइन नंबर है, जहां आपकी पहचान गोपनीय रखी जाती है। आप वहां अपनी शिकायत दर्ज करा सकती हैं।
पुलिस वाले गलत व्यवहार करें तो कहां शिकायत कर सकते हैं। - मोनी पांडेय, कक्षा नौ
आपके साथ कोई भी गलत व्यवहार करता है, चाहे वह पुलिस वाला ही क्यों न हो, तो उसकी शिकायत हेल्पलाइन नंबरों के साथ आला अधिकारियों से कर सकती हैं। इस पर तुरंत कार्रवाई होगी।
एंटी रोमियो क्या है, इसका कार्य क्या है। - नेहा साहनी, कक्षा 12
एंटी रोमियो महिला सुरक्षा के लिए शुरू की गई एक योजना है। पुलिस स्कूल, बाजार, चौराहों, मंदिर आदि सार्वजनिक जगहों पर टीम मुस्तैद रहती है। उसका काम शोहदों से महिलाओं की सुरक्षा करना है। जगहों पर मुस्तैद रहती है। उसका काम शोहदों से महिलाओं की सुरक्षा करना है।