वाराणसी में दुर्गा कुंड के बत्रा बैंक्वेट हाल में 10 जनवरी को आयोजित रेव पार्टी से गिरफ्तार युवक-युवतियों के मामले में मुकदमा दर्ज करने से लेकर मेडिकल मुआयना कराने तक इंस्पेक्टर भेलूपुर अशेषनाथ सिंह ने भारी गड़बड़ियां की। सीओ कैंट एएसपी प्रशांत वर्मा की जांच में यह खुलासा हुआ है।
जांच रिपोर्ट मिलने पर आईजी रेंज दीपक रतन ने एसएसपी राम कृष्ण भारद्वाज को इंस्पेक्टर पर विभागीय कार्रवाई करने का निर्देश दिया है। आईजी रेंज ने मंगलवार को बताया कि सीओ कैंट की जांच रिपोर्ट में तीन बिंदुओं पर इंस्पेक्टर भेलूपुर दोषी पाए गए हैं।
पहला बिंदु यह है कि रेव पार्टी में मौजूद लोग शराब के नशे में धुत थे, मगर भेलूपुर थाने में दर्ज मुकदमे में आरोपियों के खिलाफ आबकारी अधिनियम की धाराएं नहीं लगाई गई। दूसरे बिंदु के अनुसार मौके से गिरफ्तार किए जाने के बाद आरोपियों के मेडिकल मुआयने में अनावश्यक घंटों की देरी की गई।
मेडिकल मुआयना तत्काल कराया जाना था लेकिन आरोप हल्के करने के लिए ऐसा नहीं किया गया। जांच के तीसरे बिंदु की रिपोर्ट में कहा गया है कि मौके से गिरफ्तार 33 युवक-युवतियों में से तीन लोगों को थाने से जमानत दे दी गई जबकि अन्य को जेल भेज दिया गया।
यदि नियमानुसार तीन आरोपियों को जमानत दे दी गई तो बाकी को भी दी जा सकती थी। करीब सप्ताह भर में तैयार हुई रिपोर्ट में सीओ कैंट ने लिखा है कि जांच के तीनों बिंदुओं पर इंस्पेक्टर भेलूपुर के जवाब बिल्कुल भी संतोषजनक नहीं प्रतीत हुए और इस वजह से वे दोषी पाए गए हैं।