वाराणसी कमिश्नरेट के कैंट थाने में तैनात आरक्षी भवन कुमार से मकान दिलाने के नाम पर 7.50 लाख रुपये की ठगी हुई। आरोपी ने सिपाही से कहा कि पैसा भूल जाओ, वरना जान से हाथ धो बैठोगे। पीड़ित की शिकायत पर पुलिस ने प्रॉपर्टी डीलर और उसकी कंपनी से जुड़े लोगों के खिलाफ प्राथमिकी दर्ज की।
गोंडा के भदुआ गांव निवासी और कैंट थाने में तैनात आरक्षी भवन कुमार ने आरोप लगाया है कि दिसंबर 2024 में उनकी मुलाकात पहड़िया के अशोक विहार कॉलोनी निवासी गौरव गुप्ता से हुई।
गौरव ने खुद को प्रॉपर्टी डीलर बताते हुए फुलवरिया क्षेत्र में एक मकान दिखाया और अपनी कंपनी के कार्यालय बुलाया। गौरव ने अपनी मां कस्तूरी देवी, भाई दीपक गुप्ता और अन्य लोगों के साथ मिलकर बैंक ऑफ बड़ौदा की नदेसर शाखा से 15 लाख रुपये का होम लोन स्वीकृत कराया। ॉ
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आरोप है कि 26 दिसंबर 2024 को लोन की राशि में से 7.50 लाख रुपये गौरव गुप्ता के खाते में स्थानांतरित करा लिए गए। इसके बाद लगातार मकान की रजिस्ट्री कराने का आश्वासन दिया जाता रहा, लेकिन रजिस्ट्री नहीं कराई गई। आरक्षी का कहना है कि बाद में पता चला कि जिस मकान को दिखाया गया था, उसका मालिक कोई और है। रकम वापस मांगी तो आरोपियों ने जान से मारने की धमकी दी। थाना प्रभारी राजकिशोर पांडेय ने बताया कि मामला दर्ज कर जांच की जा रही है।