गिरोह ग्राम प्रधानों के फर्जी लेटर पैड, मुहर और आधार अपडेट फॉर्म के जरिये पते बदलवाकर बैंक खाते खुलवाता था। फिर उन खातों का ठगी में इस्तेमाल करते थे। डीसीपी क्राइम आकाश पटेल ने बताया कि आरोपियों के पास से चार एंड्रायड मोबाइल, एक सिम कार्ड, दिल्ली पुलिस के दो नोटिस, ग्राम प्रधान के मुहर-पैड, पांच खाली आधार अपडेट फॉर्म, बिना नंबर की ब्रेजा कार और 66 हजार रुपये मिले।
आरोपियों ने पहले दिल्ली में भी साइबर फ्रॉड किया है। दिल्ली पुलिस ने नोटिस भेजा था। डीसीपी आकाश पटेल ने बताया कि सभी आरोपी प्रोफेशनल हैं। साइबर फ्रॉड की रकम से कार समेत अन्य प्रॉपर्टी में निवेश की जांच की जा रही है। पता लगाया जा रहा है कि कितनी प्रॉपर्टी आरोपियों ने फ्रॉड की रकम से बनाई है। ताकि आगे की कानूनी कार्रवाई की जा सके।