एडीसीपी राजेश पांडेय ने बताया कि 19 वर्षीय सलमान अपने बहनाई के ममेरे भाई कलीम की सराफा दुकान पर काम करता था। तीन सौ ग्राम सोने के बाबत जब सलमान ने बताया कि इस तरह की घटना हुई तो कोई मानने को तैयार नहीं हुआ और कलीम, शिवपुर निवासी सराफा कारोबारी विनोद सेठ सहित चार लोगों ने उसकी पिटाई कर दी, इलाज के दौरान सलमान की मौत हो गई थी। सलमान के पिता अशरफ की तहरीर पर मुकदमा दर्ज करते हुए चारों को जेल भेजा गया। इस बीच 13 सितंबर को ब्रह्मनाल चौकी इंचार्ज प्रकाश सिंह ने घटना की तस्दीक की तो टप्पेबाजी की घटना उजागर हुई।
कई भाषाओं का जानकार है टप्पेबाज अब्दुल
टप्पेबाजी के इस अनसुलझे मामले को पुलिस ने ग्यारह दिनों में खोल दिया। पुलिस के मुताबिक गिरफ्तार टप्पेबाज रतलाम निवासी इकबाल बहुत ही चालाक और पेशेवर टप्पेबाज है। बिहार के किशनगंज निवासी इरफान का रिश्तेदार इकबाल कई भाषाओं का अच्छा जानकार है, उसे ऊर्दू, सिंधी, पंजाबी, बंगाली, अंग्रेजी अच्छे से आती है।