पूछताछ में बबिता ने बताया कि बिहार खगड़िया सिकड़ी निवासी विकास महतो और एक अन्य युवक ने दूसरी अभ्यर्थी हिना विश्वास के जगह पर बेटी जूली को परीक्षा दिलाने के लिए तैयार किया और गिरोह से पांच लाख में सौदा तय हुआ था।
एडवांस में 50 हजार मिले थे और शेष रकम परीक्षा के बाद मिलनी थी। बीएचयू में बैचलर ऑफ डेंटल साइंस की द्वितीय वर्ष की छात्रा जूली टॉपर रह चुकी है। आईएमएस फैकल्टी ऑफ डेंटल साइंसेज की 2019 बैच की छात्रा जूली कुमारी को बीते नीट परीक्षा में 720 में से 522 अंक मिले थे।
पुलिस आयुक्त ए सतीश गणेश ने कहा कि मोबाइल की कॉल डिटेल और पूछताछ में मां और बेटी ने कई जानकारियां दी। गिरोह का सरगना पटना का पीके है और इस गिरोह के तार लखनऊ स्थित केजीएमयू के एक चिकित्सक से भी जुड़ रहे हैं। पुलिस की टीमें पटना और लखनऊ को रवाना किया गया।
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पटना के बहादुर थाना अंतर्गत संदलपुर वैष्णवी नगर निवासी मां बबिता ने बताया कि घर की आर्थिक स्थिति ठीक नहीं है। पति मुन्ना कुमार मेहता सब्जी विक्रेता है। बेटे अभय के दोस्त सिकड़ी खगड़िया निवासी विकास महतो को जानकारी हुई कि बेटी जूली कुमारी दो साल पूर्व नीट परीक्षा पास कर बीएचयू बीडीएस सेकेंड ईयर की छात्रा है तो उसने घर पर आना जाना शुरू कर दिया।
इसी बीच प्रलोभन दिया कि जूली टॉपर है, यदि दूसरे अभ्यर्थी की जगह पर परीक्षा देगी तो पांच लाख रुपये मिलेंगे। घर की तंगी को देखते हुए लालच में आकर बेटी जुली को परीक्षा दिलाने के लिए तैयार करा लिया। इसी बीच विकास ने 50 हजार रुपये एडवांस के तौर पर उपलब्ध भी करा दिया। सेंटर तक लाए और फिर अचानक गायब है।
पूछताछ में मां औ बेटी ने क्राइम ब्रांच को बताया कि अभ्यर्थी हिना विश्वास की फोटो दिखाई गई थी। फोटो में हूबहू हिना की तरह ही जूली लग रही थी। इसी का फायदा उठाया गया। फोटो शाप से हिना की फोटो भी जूली की तरह बनवाई गई थी। इसके अलावा हिना की हस्ताक्षर की प्रैक्टिस एक माह पूर्व से ही जूली को कराई जा रही थी।