यहां बता दें कि कैंट रेलवे स्टेशन से गोदौलिया तक बनने वाले रोपवे के लिए विकास प्राधिकरण को नोडल बनाया गया है। 400 करोड़ रुपये की यह परियोजना पब्लिक प्राइवेट पार्टनरशिप के तहत पूरी होनी है। वीडीए के अधिकारियों की मानें तो प्री बिड के बाद अब फाइनेंशियल बिड की प्रक्रिया होगी। इसके बाद कार्यदायी संस्था का चयन किया जाएगा।
रोपवे एक नजर में
- गोदौलिया से कैंट के बीच रथयात्रा व साजन तिराहा होते ही 3.65 किमी लंबी परियोजना
- 220 केबल कार, प्रत्येक पर 10 व्यक्तियों के बैठने की क्षमता, 90 से 120 सेकेंड के अंतराल पर कार
- पांच स्टेशन प्रस्तावित, 11 मीटर की ऊंचाई पर स्टेशन, स्टेशन भी काशी की थीम पर आधारित होगा
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पीपीपी मॉडल पर बनने वाले एकीकृत मंडलीय कार्यालय के लिए 11 कंपनियों ने रुचि दिखाई है। 250 करोड़ रुपये की इस परियोजना में भूतल सहित 19 मंजिला दो भवन बनने हैं। इसमें एक भवन पूरी तरह से सरकारी कार्यालयों के लिए होगा और दूसरा भवन कार्यदायी संस्था के लिए कॉमर्शियल उपयोग के लिए होगा। इस परियोजना पर भी 15 दिसंबर तक निर्णय कर लिया जाएगा। इस परियोजना को 18 महीनों में पूरा करने का लक्ष्य रखा गया है।
मंडलायुक्त दीपक अग्रवाल ने कहा कि रोपवे और एकीकृत मंडलीय कार्यालय के निर्माण के लिए टेंडर की प्रक्रिया कराई जा रही है। प्री-बिड में कई कंपनियों की रूचि के बाद फाइनेंशियल बिड और अन्य प्रक्रिया हो रही है। हमारा प्रयास है कि 15 दिसंबर तक कार्यदायी संस्था का चयन कर लिया जाए।