दिल को छू जाने वाली बातें हों या चौंकाने वाले फैसले। प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी इन दोनों के लिए जाने जाते हैं। प्राचीन शहर के संरक्षण का सपना संजोने के साथ-साथ काशी की गलियों में घूम कर जनता का प्यार पाने वाले पीएम मोदी ने अब अपने संसदीय क्षेत्र के दो हजार से अधिक लोगों को भावनात्मक अंदाज में धन्यवाद पत्र भेजा है।
पीएम मोदी की यह पाती आम लोगों को अधिकार और कर्तव्यों का बोध कराने के साथ ही राष्ट्र उत्थान की दिशा में एक बड़े मिशन का हिस्सा बन सकती है। ऊर्जा बचत, स्वच्छता और प्रदूषण से मुक्ति के अभियान को कामयाब बनाने में मददगार बनने के आग्रह से भरी प्रधानमंत्री की इस चिट्ठी को पाने वालेे लोग गदगद हैं।
बीएचयू के हृदय रोग विशेषज्ञ डॉ. एसके अग्रवाल पीएम की चिट्ठी मिलने के बाद आश्चर्यचकित हैं। वह पत्र के एक-एक शब्द के भाव को अपनेे जेहन में उतारने का प्रयास कर रहे हैं। पीएम मोदी ने भी अपने पत्र की शुरुआत भी यहीं से की है- मेरा पत्र पढ़कर आपको आश्चर्य होगा।
लेकिन आपको यह पत्र लिखते हुए मुझे बहुत खुशी हुई है। पीएम मोदी ने डॉ. अग्रवाल को यह पत्र एलपीजी गैस सब्सिडी छोड़ने के बाद लिखा है। लिखा है कि देश का एक सामान्य नागरिक भी किस तरह समाज के लिए अपना कर्तव्य निभा सकता है, उसका आपने उत्तम उदाहरण प्रस्तुत किया है।
मुझे उम्मीद है कि अर्थशास्त्र के जानकार और निराशा भरी बातें करने वाले कुछ लोग आपके इस त्याग के बाद जनशक्ति को एक नए नजरिए से देखेंगे।
पीएम मोदी ने डॉ. अग्रवाल के अलावा सेवानिवृत्त चिकित्सक डॉ. योगेंद्र नाथ पांडेय, डॉ. रनवीर सिंह, मुहम्मद जकारिया और नइमा खातून को एलपीजी सब्सिडी छोड़ने पर प्रशंसा करते हुए लिखा है कि आपके इस फैसले से देश के विचार प्रवाह को नया आयाम मिला है।