वाराणसी स्थित प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के सांसद आदर्श गांव नागेपुर में शुक्रवार को किसान आंदोलन के समर्थन में किसानों ने नये कृषि कानून की प्रतियां और पुतला जलाकर नंदघर के सामने विरोध प्रदर्शन किया। इस दौरान कृषि कानून को निरस्त करने की मांग की गई।
धरना प्रदर्शन का नेतृत्व कर रहे लोक समिति के संयोजक नंदलाल मास्टर ने कहा कि केंद्र सरकार द्वारा लाए गए तीनों किसान विरोधी कानूनों का विरोध किया जा रहा है। केंद्र सरकार द्वारा दिल्ली जा रहे किसान नेताओं पर फर्जी कार्रवाई निंदनीय है। गणतंत्र दिवस पर लाल किले पर साजिश के तहत कुछ उपद्रवियों ने किसान आंदोलन को बदनाम किया। कड़ाके की ठंड में पिछले दो माह से ज्यादा समय से लाखों किसान शांतिपूर्ण तरीके से सड़कों पर आंदोलन कर रहे हैं, लेकिन केंद्र सरकार के कान पर जूं तक नहीं रेंग रही है।
सरकार मामले की बिना जांच किए ही शांतिपूर्ण आंदोलन कर रहे किसान नेताओं पर फर्जी मुकदमे लगाकर आंदोलन को कुचलने की कोशिश कर रही है। नंदलाल मास्टर ने कहा कि किसानों की आमदनी दोगुनी करने का वादा करने वाली सरकार किसानों से उनकी जमीन छीनने का षड्यंत्र रच रही है। इस मौके पर श्यामसुन्दर, अमित, पंचमुखी, महेंद्र राठौर, सोनी, सरिता, अनीता, सरोज, मैनब, राजकुमारी, चन्द्रकला, सीमा, शिवकुमार, आशा, कल्लू, राजनाथ, नंदू, तपेदार, छेदी, मधुबाला, विद्या, शमाबानो, सीमा, सुनील, मनजीता, कल्लू, चेतन राम, विनोद, सुरेश, राम सहारे, सोनू, ब्रीज कुमार, अरविन्द आदि लोग रहे।