फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
विज्ञापन

PM Modi in Varanasi: काशी की बेटी प्रशांति से किया वादा पीएम मोदी ने आज निभाया, बोली- सपना सच हुआ

Thu, 07 Jul 2022 05:06 PM IST
उत्पल कांत न्यूज डेस्क, अमर उजाला, वाराणसी

सार

काशी की बेटी व अंतरराष्ट्रीय बास्केटबॉल खिलाड़ी प्रशांति सिंह ने पूर्वांचल और बनारस के खिलाड़ियों के बेहतर प्रशिक्षण के लिए अगस्त 2020 में प्रधानमंत्री से नेशनल सेंटर ऑफ एक्सीलेंस (एनसीओई ) की मांग की थी। 
विज्ञापन
पद्मश्री प्रशांति सिंह , प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी - फोटो : अमर उजाला
विज्ञापन

विस्तार
वॉट्सऐप चैनल फॉलो करें

काशी की बेटी व अंतरराष्ट्रीय बास्केटबॉल खिलाड़ी और पद्मश्री प्रशांति सिंह से किया हुआ वादा आज प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने पूरा कर दिया। प्रशांति सिंह ने पूर्वांचल और बनारस के खिलाड़ियों के बेहतर प्रशिक्षण के लिए अगस्त 2020 में प्रधानमंत्री से नेशनल सेंटर ऑफ एक्सीलेंस (एनसीओई ) की मांग की थी। प्रधानमंत्री ने उनकी मांग को गंभीरता से लेकर इसे साकार करने का निर्देश दिया था।

विज्ञापन


सिगरा स्टेडियम के अंतरराष्ट्रीय स्तर के पुनर्निर्माण के लिए पहले चरण का शिलान्यास पीएम मोदी ने गुरुवार को किया। इस दौरान पद्मश्री प्रशांति सिंह भी मौजूद रहीं। पीएम की सभा में प्रशांति सिंह के अलावा देश के कई राष्ट्रीय और अंतरराष्ट्रीय खिलाड़ियों को बुलाया गया था।
विज्ञापन

सिगरा स्टेडियम के पुनर्निर्माण के लिए  प्रशांति सिंह ने आभार जताया है। उन्होंने निमंत्रण कार्ड की ट्वीट किया और लिखा- सपना सच हुआ। मेरे शहर वाराणसी को अंतरराष्ट्रीय स्तर की सुविधाओं वाला स्पोर्ट्स कांप्लेक्स मिलने जा रहा है। पूर्वांचल, यूपी और देश के युवा टैलेंट के लिए ये माइल स्टोन साबित होगा। उन्होंने ट्वीट को पीएम मोदी और सीएम योगी को टैग करते हुए धन्यवाद कहा। 
पढ़ेंः बास्केटबॉल खिलाड़ी प्रशांति सिंह से पीएम मोदी ने किया वादा, बनारस में खुलेगा खेलो इंडिया का सेंटर

कई खिलाड़ियों से मिलेंगे पीएम मोदी

प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी संपूर्णानंद सिगरा स्पोर्ट्स स्टेडियम में योजनाओं का लोकार्पण और शिलान्यास किया।  इसके पहले प्रधानमंत्री रिसेप्शन लाइन अप में आमने-सामने कई खिलाड़ियों से मिले। स्टेडियम में दो हजार खिलाड़ी मौजूद रहे। 

खेल विभाग की ओर से बास्केटबॉल से एक, एथलेटिक्स के 14, कुश्ती के 21, हैंडबॉल के छह, जूडो ताइक्वांडो, मुक्केबाजी के दो दो, तैराकी के चार, हॉकी के 13, फुटबाल के 17, क्रिकेट, कबड्डी के तीन, वुशू के छह, शतरंज के 13, शूटिंग के आठ, तीरंदाजी, बॉडी बिल्डिंग, बैडमिंटन और किक बॉक्सिंग के एक एक खिलाड़ियों को बुलाया गया। 

अंतरराष्ट्रीय स्पोर्ट्स कांप्लेक्स से खेलो इंडिया को मिलेगी नई धार

सिगरा स्पोर्ट्स कांप्लेक्स का मॉडल - फोटो : अमर उजाला
बनारस में बनने वाले अंतरराष्ट्रीय स्पोर्ट्स कांप्लेक्स से खेलो इंडिया को नई धार मिलेगी। पूर्वांचल के खिलाड़ियों को अंतरराष्ट्रीय स्तर की सुविधाएं मिलेंगी और यहां की माटी से अंतरराष्ट्रीय खिलाड़ी तैयार होंगे। स्पोर्ट्स कांपलेक्स का निर्माण तीन चरणों में किया जाना है। पहले चरण में मल्टी स्टोरी स्पोर्ट्स कांप्लेक्स, इसके बाद हॉस्टल और तीसरे चरण में खेल मैदान तैयार किया जाएगा।

मॉडल के अनुसार स्टेडियम में क्रिकेट के साथ ही फुटबॉल मैदान होगा। चार लॉन टेनिस कोर्ट, बेसबाल कोर्ट, वॉलीबाल कोर्ट, कबड्डी कोर्ट, शूटिंग रेंज, मुक्केबाजी और कुश्ती का हाल भी अलग से होगा। स्वीमिंग पूल वाले स्थान पर मल्टी स्टोरी स्पोर्ट्स कांप्लेक्स बनाया जाएगा। यहां पर 20 इंडोर खेल की सुविधाएं मिलेंगी। 18 माह में स्टेडियम के निर्माण कार्य का लक्ष्य है।

ओलंपिक स्तर का होगा तरणताल

पहले चरण में दो तरणताल का निर्माण किया जाएगा। एक तरणताल ओलंपिक साइज का होगा। दूसरा सेमी ओलंपिक साइज का होगा। आधुनिक प्रशिक्षण के लिए 10, 25 और 50 मीटर के शूटिंग रेंज का निर्माण होगा। तीन मंजिल एरीना में बैडमिंटन के लिए 15 कोर्ट, टेबल टेनिस के लिए 18 कोर्ट, कराते के लिए दो, जूडो के लिए छह कोर्ट, कुश्ती के लिए चार गद्देदार कोर्ट, मुक्केबाजी के लिए 12 आधुनिक रिंग, तलवारबाजी के लिए 28 कोर्ट, स्क्वैश कोर्ट, स्नूकर और बिलियर्ड्स हॉल भी बनेंगे।

अन्य दो चरणों में आउटडोर खेल सुविधाओं में जॉगिंग ट्रैक, बास्केटबाल, फुटबॉल, 800 मीटर के सिंथेटिक ट्रैक, वालीबाल कोर्ट का भी निर्माण होगा। महिला और पुरुष खिलाड़ियों के 100-100 बेड के हॉस्टल की सुविधा भी मिलेगी। व्यायाम के लिए फिटनेस सेंटर का भी निर्माण किया जाएगा जिसकी कुल क्षमता 500 लोगों की होगी। 
विज्ञापन

आजादी के बाद बनारस को मिलेगी बहुत बड़ी सौगात

प्रधानमंत्री बनारस के राष्ट्रीय और अंतरराष्ट्रीय खिलाड़ियों के साथ खेल के विकास पर चर्चा कर सकते हैं। लक्ष्मण अवॉर्डी फुटबालर मुश्ताक अली का कहना यह काशी और पूर्वांचल के लिए बहुत बड़ी सौगात है। आजादी के बाद बहुत सी सरकारें आई और गईं लेकिन किसी ने खेल पर इतना ध्यान नहीं दिया।

पूर्वांचल के खिलाड़ियों को नेशनल कैंप के लिए बंगलूरू, पटियाला और कोलकाता जाना पड़ता था, लेकिन अब उन्हें बनारस में ही सुविधा मिलेगी। बतौर फुटबॉलर सरकार से अपील है कि काशी में ऐसा स्टेडियम बनाया जाए जहां पर अंतरराष्ट्रीय मैच हो सके।
विज्ञापन
Next
AU ऐप में पढ़ें