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मुलायम के गढ़ में हुंकार भरेंगे पीएम मोदी, तैयारियां जोरों पर, लग रहा स्पेशल पंडाल

Tue, 22 May 2018 10:42 AM IST
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, आजमगढ़
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प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी
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पूर्व सपा सुप्रीमो मुलायम सिंह यादव के गढ़ कहे जाने वाले आजमगढ़ में पीएम मोदी का कार्यक्रम होने जा रहा है। कार्यक्रम के लिए मंदुरी हवाई पट्टी के सामने स्थित मैदान को फिलहाल चयनित माना जा रहा है।
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मैदान के आसपास न कोई पेड़ है और न ही छाया। गर्मी भी प्रचंड है। प्रचंड गर्मी से लोगों को बचाने के लिए जर्मन हैंगर पंडाल लगाने का फैसला लिया है। यह पूरी तरह से वाटर और फायरप्रूफ रहेगा। हालांकि प्रशासन को अभी कार्यक्रम की आधिकारिक सूचना नहीं मिली है। फिर भी इसकी तैयारी शुरू कर दी गई है।

जून माह में प्रस्तावित प्रधानमंत्री और मुख्यमंत्री के आगमन के बारे में संभावना जताई जा रही है। हालांकि कार्यक्रम को लेकर अभी कोई आधिकारिक सूचना प्रशासन के पास नहीं पहुंची है।
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वहीं, प्रशासनिक सूत्रों का कहना है कि कार्यक्रम लगभग तय है। सुरक्षा कारणों से इसे गोपनीय रखा जा रहा है। कर्नाटक चुनाव के बाद ही मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी से मुलाकात कर पूर्वांचल एक्सप्रेस-वे के शिलान्यास की मांग उठाई थी।

मुख्यमंत्री इस का शिलान्यास आजमगढ़ से कराना चाह रहे हैं। प्रधानमंत्री के दौरे के दौरान मंदुरी हवाई अड्डा, वाराणसी-गोरखपुर रेलवे लाइन और बिलासपुर से सिद्धार्थनगर तक नेशनल हाईवे 233-बी के शिलान्यास की भी संभावना जताई जा रही है। 
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वीवीआईपी गेट अलग और सामान्य गेट अलग

सीएम योगी व पीएम मोदी - फोटो : File Photo
कार्यक्रम स्थल पर कई प्रवेश द्वार बनाए जाएंगे। वीवीआईपी गेट और सामान्य गेट अलग-अलग होंगे। बारिश होने, मैदान में पानी जमा होने जैसे हालात न बनने पाए इसके लिए आटोमैटिक ड्रेनेज सिस्टम की भी बात हो रही है। मंच को आग रोकने वाले केमिकल से संरक्षित कर फायरप्रूफ बनाया जाएगा। जर्मन हैंगर पंडाल लगाने वाले से संपर्क करना शुरू कर दिया गया है।

प्रधानमंत्री और मुख्यमंत्री के जून माह में जनपद में प्रस्तावित कार्यक्रम में तीन हेलीकाप्टर उतरने की बात कही जा रही है। प्रधानमंत्री और मुख्यमंत्री की सुरक्षा के हिसाब से भी प्रबंध करने है।

इस स्थिति में आईटीआई मैदान, सठियांव का चीनी मिल मैदान, उकरौड़ा का मैदान प्रशासन की कसौटी पर खरा नहीं उतरा। तीन हेलीकाप्टर उतरने के लिए हेलीपैड, प्रधानमंत्री के मंच के बाद डी एरिया, स्थानीय नेताओं का मंच और इसके बाद जनता के बैठने की जगह। इन आवश्यकताओं को उक्त तीन मैदान पूरे नहीं कर पा रहे थे। इस स्थिति में मंदुरी हेलीपैड के पास स्थित मैदान का चयन किया गया। 
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