फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
विज्ञापन

पीएम मोदी ने मां अन्नपूर्णा की जिस मूर्ति के कनाडा से काशी आने की बात की, इस तरह हुई थी उसकी खोज

Tue, 01 Dec 2020 12:33 AM IST
स्‍वाधीन तिवारी न्यूज डेस्क, अमर उजाला, वाराणसी
विज्ञापन
1 of 5
मां अन्नपूर्णा की प्रतिमा और काशी में मंदिर के महंत। - फोटो : अमर उजाला
वाराणसी के दौरे पर सोमवार को आए प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने अपने संबोधन के दौरान मां अन्नपूर्णा की जिस मूर्ति के कनाडा से जल्द काशी आने की बात की कही। वो प्रतिमा 100 साल पहले अवैध तरीके से वहां गई थी। बीते 19 नवंबर को कनाडा के संग्रहालय में भारतीय कलाकार दिव्या मेहरा की नजर मूर्ति पर पड़ी तो उन्होंने इसका मामला उठाया। 

दरअसल, काशी के राजघाट पर दीपोत्सव के शुभारंभ के दौरान प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने पूरे घटनाक्रम का जिक्र करते हुए कहा कि आप सबकी इच्छा मालूम है, 100 साल पहले मां अन्नपूर्णा की प्रतिमा अवैध तरीके से कनाडा चली गई थी। उन्हें वापस लाने के लिए तेजी से प्रयास किए जा रहे हैं। जल्दी ही मां अन्नपूर्णा अपने असली घर आएंगी। प्रतिमा को वापस लाना हमारी जिम्मेदारी है, क्योंकि यह मूर्ति काशी की धरोहर है। 
विज्ञापन

2 of 5
राजघाट पर मंच से संबोधित करते पीएम मोदी - फोटो : ANI
कनाडा सरकार ने भारत के उच्चायुक्त को 19 नवंबर को मूर्ति सौंप दी थी। मूर्ति कनाडा की यूनिवर्सिटी ऑफ रेजिना में मिली है। मूर्ति के एक हाथ में खीर और दूसरे हाथ में अन्न मौजूद है। माना जा रहा है कि इस मूर्ति को अन्नपूर्णा मंदिर से चोरी कर पहुंचाया गया था। मूर्ति अब भारत लाई जा रही है।
विज्ञापन

3 of 5
राजघाट पर पहला दीपक जलाते पीएम - फोटो : अमर उजाला
मैकेंजी आर्ट गैलरी में रेजिना यूनिवर्सिटी के संग्रह से मिली मां अन्नपूर्णा की मूर्ति को अंतरिम राष्ट्रपति और विश्वविद्यालय के उप-कुलपति थॉमस चेस ने कनाडा में भारत के उच्चायुक्त अजय बिसारिया को एक वर्चुअल समारोह में 19 नवंबर को आधिकारिक रूप से इस मूर्ति की जानकारी दी। इस समारोह में मैकेंजी आर्ट गैलरी, ग्लोबल अफेयर्स कनाडा और कनाडा बॉर्डर सर्विसेज एजेंसी के प्रतिनिधि भी शामिल हुए।

 

4 of 5
क्रूज पर सवार पीएम मोदी और सीएम योगी - फोटो : अमर उजाला
1936 में मैकेंजी ने करवाई थी मूर्ति की वसीयत
भारतीय कलाकार दिव्या मेहरा ने गैलरी के स्थायी संग्रह में पाया कि इस मूर्ति की वसीयत 1936 में मैकेंजी ने करवाई थी और गैलरी के संग्रह में जोड़ा गया था। दिव्या ने मुद्दा उठाया और कहा कि यह अवैध रूप से कनाडा में लाई गई है।
विज्ञापन
विज्ञापन

5 of 5
सैंड आर्ट देखते पीएम मोदी - फोटो : ANI
शोध में पता चला कि मैकेंजी ने 1913 में भारत यात्रा की थी। यह मूर्ति उसी के बाद यहां से कनाडा पहुंची। मां अन्नपूर्णा अपने एक हाथ में खीर और दूसरे में चम्मच लिए हुए हैं।
और पढ़ें...
विज्ञापन
Next
AU ऐप में पढ़ें