फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
विज्ञापन

वाराणसीः प्लंबर हत्याकांड के मुख्य आरोपी ने कोर्ट में किया सरेंडर, दूसरे आरोपी को पुलिस ने किया गिरफ्तार

Fri, 16 Jul 2021 10:31 PM IST
उत्पल कांत न्यूज डेस्क, अमर उजाला, वाराणसी

सार

वाराणसी के  केराकतपुर गांव में बीते मंगलवार को बाइक सवार बदमाश ने प्लंबर कन्हैया लाल प्रजापति (32 वर्ष) की गोली मारकर हत्या कर दी थी। घटना से आक्रोशित परिजनों ने केराकतपुर मार्ग पर चक्का जाम के जरिये काफी विरोध प्रदर्शन किया था। 
विज्ञापन
प्लंबर कन्हैया लाल प्रजापति की हत्या में वांछित मुख्य आरोपी अखिलेश सिं - फोटो : अमर उजाला
विज्ञापन

विस्तार
वॉट्सऐप चैनल फॉलो करें

वाराणसी के केराकतपुर में प्लंबर कन्हैया लाल प्रजापति की हत्या में वांछित मुख्य आरोपी अखिलेश सिंह ने शुक्रवार को पुलिस को चकमा देकर एसएसी एसटी कोर्ट में एक पुराने मामले में आत्मसमर्पण कर दिया। वहीं, अखिलेश सिंह के छोटे भाई बृजेश कुमार सिंह को लोहता पुलिस ने चांदपुर स्थित कृषि भवन के पास से गिरफ्तार कर लिया। वहीं, फरार चार आरोपियों की तलाश में पुलिस दबिश दे रही है। आरोपी बृजेश ने बड़े भाई अखिलेश को बाइक मुहैया कराई थी।

विज्ञापन


लोहता थाना अंतर्गत केराकतपुर गांव में बीते मंगलवार को बाइक सवार बदमाश ने प्लंबर कन्हैया लाल प्रजापति (32 वर्ष) की गोली मारकर हत्या कर दी थी। घटना से आक्रोशित परिजनों ने केराकतपुर मार्ग पर चक्का जाम के जरिये काफी विरोध प्रदर्शन किया था।

कन्हैया के बड़े भाई दिलीप प्रजापति ने हत्या का आरोप गांव के ही अखिलेश सिंह, शुभम सिंह, प्रमोद सिंह, कमलेश सिंह, मुकेश सिंह और अज्ञात के खिलाफ मुकदमा दर्ज कराया था। पुलिस को सूचना मिली कि वारदात में इस्तेमाल बाइक अखिलेश सिंह के छोटे भाई बृजेश सिंह की है।

विज्ञापन

इसके आधार पर पुलिस जांच में जुटी थी कि चांदपुर स्थित कृषि भवन से सवारी वाहन पकड़कर भागने के फिराक में बृजेश को गिरफ्तार कर लिया। पूछताछ में बृजेश ने बताया कि अखिलेश सिंह ने सुबह आठ बजे मुझसे मेरी बाइक मांगी थी, यह नहीं पता था कि हत्या को अंजाम देगा। उधर, आरोपी अखिलेश सिंह ने एससी एसटी के एक पुराने मामले में विशेष न्यायाधीश एससी एसटी के कोर्ट में आत्मसमर्पण कर दिया।

 जांच में सहयोग करने की शर्त पर छोडे़ गए सपा नेता

चार दिन पूर्व नदेसर स्थित घौसाबाद में महात्मा गांधी काशी विद्यापीठ छात्रसंघ पूर्व उपाध्यक्ष राहुल राज के ऊपर फायरिंग मामले में हिरासत में लिए गए सपा नेताओं को पुलिस ने शुक्रवार को छोड़ दिया। पुलिस ने जांच में सहयोग करने की शर्त पर विज्जू विश्वकर्मा, विजय जायसवाल और श्याम बाबू को छोड़ा। पुलिस के अनुसार मामले की तफ्तीश की जा रही है।  

13 जुलाई की रात नदेसर स्थित घौसाबाद मोड़ पर राहुल राज के ऊपर आटो सवार बदमाश ने फायरिंग कर दी थी। गोली पीठ पर लगने से राहुल का इलाज अस्पताल में चल रहा। राहुल के पिता राजकुमार की तहरीर पर सपा नेता घौसाबाद निवासी विज्जू विश्वकर्मा, विजय जायसवाल और श्याम बाबू समेत नौ नामजद और एक अज्ञात के खिलाफ हत्या, हत्या के प्रयास मामले में मुकदमा दर्ज कराया था। इसी दौरान हिरासत में लेकर पुलिस तीनों से पूछताछ की और घटना में संलिप्ता नहीं सामने आने और जांच में सहयोग करने की शर्त पर छोड़ा गया।

कैंट एसीपी अभिमन्यु मांगलिक ने बताया कि जांच के दौरान इन लोगों की संलिप्ता सामने नहीं आई है, हालांकि इन्हें दोबारा बुलाने और जांच में सहयोग के नाम पर छोड़ा गया। प्रथम दृष्टयता फायरिंग वाले दिन तड़के नदेसर क्षेत्र में एक बस को आग लगा दी गई थी। इसी घटना से जांच के तार जुड़ रहे हैं। जल्द ही आरोपियों को गिरफ्तार किया जाएगा।

 
विज्ञापन

मारपीट के आरोपियों की तलाश में पुलिस की दबिश

भंदहा खुर्द गांव में पिछले हफ्ते पारिवारिक विवाद में हुई मारपीट मामले में नामजद नौ आरोपियों की गिरफ्तारी केलिए पुलिस दबिश दे रही है। गांव निवासी सुमन पांडेय के पति सुरेश पांडेय की सड़क हादसे में मौत हो गई थी। इस दौरान घर आए रिश्तेदारों की 11 जुलाई की रात घर में घुसकर कुछ लोगों ने पिटाई कर दी। इस बाबत पीड़िता सुमन ने अपने देवरानी सुनीता पांडेय, अजीत पांडेय, अरविंद समेत नौ के खिलाफ नामजद मुकदमा दर्ज कराया था। 
और पढ़ें...
विज्ञापन
Next
AU ऐप में पढ़ें