फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
विज्ञापन

बीएचयू अस्पताल में इंडोस्कोपी के लिए चिकित्सक और छात्र में नोकझोंक

विज्ञापन
विज्ञापन
बीएचयू अस्पताल में बुधवार को गैस्ट्रोइंट्रोलॉजी विभाग में इंडोस्कोपी कराने को लेकर चिकित्सक और एक छात्र में जमकर नोंकझोंक हुई। छात्र चिकित्सक डॉ. वीके दीक्षित पर दुर्व्यवहार का आरोप लगा रहा है। डॉ. दीक्षित का कहना है कि संबंधित छात्र जबरन इंडोस्कोपी कराने का दबाव बना रहा था। जब नियम से जांच के लिए आने की बात कही गई तो हाथापाई करने लगा।
विज्ञापन

उधर, चिकित्सक की तहरीर पर लंका पुलिस छात्र को उठाकर थाने ले आई। इसके विरोध में छात्रों ने हंगामा कर दिया। किसी तरह छात्र तो छूट गया लेकिन चिकित्सक की इस कार्रवाई के विरोध में छात्र चीफ प्रॉक्टर आफिस पर धरने पर बैठ गए। बुधवार रात में चीफ प्रॉक्टर आफिस पर धरने पर बैठे छात्रों को समझाने के लिए प्रॉक्टोरियल बोर्ड के सदस्य भी पहुंचे लेकिन छात्र कार्रवाई की मांग पर अड़े रहे।
यहां चीफ प्रॉक्टर के सामने छात्र अतुल देव पांडेय का कहना था कि वह अपनी दादी की इंडोस्कोपी कराने गया था। जहां जांच के लिए पर्चा जमा करने को कहा, लेकिन पर्चा फेंक दिया गया। इसका विरोध करने डॉ. दीक्षित करने के पास गए तो उन्होंने भी दुर्व्यवहार किया। यहीं नहीं मौके पर मौजूद चिकित्सक, कर्मचारी भी वीडियो बनाने लगे। साथ ही पुलिस को दी गई तहरीर में दस से बारह लोग हस्ताक्षर किए हैं। इसमें कुछ ऐसे लोग भी है, जो मौके पर नहीं मौजूद थे।
विज्ञापन

छात्र को जानबूझकर फंसाया जा रहा है। रात करीब 11.30 बजे चीफ प्रॉक्टर प्रो. आनंद चौधरी की मौजूदगी में बातचीत के बाद छात्र इस बात पर राजी हुए कि मामले में डॉक्टर दीक्षित समेत अन्य लोगों की ओर से दी गई तहरीर वापस हो जाएगी। मौके पर छात्र अतुल देव ने भी लिखित पत्र देकर अपनी गलती स्वीकारी है।
चिकित्सक, शिक्षक, छात्र विश्वविद्यालय परिवार के सदस्य हैं। सबके सहयोग से ही विश्वविद्यालय को प्रगति की ओर ले जया जा सकता है। दोनों पक्षों से बातचीत के बाद इस मामले का पटाक्षेप करा दिया गया है।
विज्ञापन

प्रो. आनंद चौधरी, चीफ प्रॉक्टर, बीएचयू
विज्ञापन
Next
AU ऐप में पढ़ें