वाराणसी। नगर निगम के कर्मचारियों के वेतन से हर माह होने वाली पीएफ कटौती की धनराशि बचत खाते में जमा हो रही है। इसका पत्र मुख्य वित्त एवं लेखाधिकारी (सीएफओ) केके सिंह ने सभी विभागाध्यक्षों को भेजा है। मामला सामने आया तो कर्मचारियों ने कड़ी नाराजगी जताई है।
सीएफओ ने जो पत्र लिखा है, उसके मुताबिक निगम में कार्यरत कर्मचारियों के वेतन से प्रतिमाह काटी गई 10 फीसदी धनराशि पीएफ नामक बचत खाते में जमा की जाती है।इसमें जमा धनराशि पर आयकर की छूट (80 सी) मिलने का प्रावधान नहीं है। यह जानकारी मिलते ही कर्मचारी भड़क गए। कर्मचारियों का कहना है कि आखिर हम लोगों की गलती क्या है? पैसा काटने और जमा करने का काम लेखा विभाग का है। पीएफ तो बढ़ापे की लाठी होती है। इसे सुरक्षित रखना जरूरी है। पीएफ का पैसा बचत खाता में भेजने की जांच कराई जानी चाहिए। इस मामले में दोषियों के खिलाफ कार्रवाई की जानी चाहिए।
कोट
जुर्माने से बचने के लिए विभागाध्यक्षों को पत्र दिया गया है। यह नियम 2005 के बाद न्यू पेंशन स्कीम (एनपीएस) वाले कर्मचारियों पर लागू है। 2005 के पहले वालों कर्मचारियों पर लागू नहीं है।- केके सिंह, सीएफओ