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Petrol Diesel Prices Hike: डीजट, पेट्रोल से लेकर सीएनजी तक की बढ़ी कीमत, हर वर्ग परेशान; जानें अपडेट

Sat, 16 May 2026 05:39 AM IST
Aman Vishwakarma अमर उजाला नेटवर्क, जौनपुर।

सार

Jaunpur News: पेट्रोल, डीजल और सीएनजी की कीमतों में बढ़ोतरी से आम लोगों, व्यापारियों और किसानों की चिंता बढ़ गई है। जनपद में पेट्रोल 98.64 और डीजल 91.81 रुपये प्रति लीटर पहुंच गया। व्यापारियों और किसानों ने कहा कि ईंधन महंगा होने से परिवहन, खेती और जरूरी सामानों की लागत बढ़ेगी, जिससे महंगाई और घरेलू बजट पर असर पड़ेगा।
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पेट्रोल पंप पर लगी वाहनों की कतार। - फोटो : संवाद
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विस्तार
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Petrol Diesel Price in UP Today: केंद्र सरकार ने शुक्रवार को पेट्रोल रुपये और डीजल की कीमतें बढ़ा दी हैं। जनपद में, पेट्रोल की कीमतें 95.58 रुपये से बढ़कर 98.64 रुपये प्रति लीटर हो गई, जबकि डीजल की कीमतें 88.73 रुपये से बढ़कर 91.81 रुपये प्रति लीटर हो गई। पेट्रोल-डीजल के दाम बढ़ने के साथ ही सीएनजी की कीमतों में भी 2.50 रुपये प्रति किलो की बढ़ोतरी कर दी गई है, जिससे अब सीएनजी 94 रुपये से लेकर 96.50 रुपये लीटर हो गई है। इससे आम लोगों का बजट और बिगड़ गया है।

तेल की मूल्य वृद्धि से व्यापारियों को भारी नुकसान होगा। सामान खरीदने में लगने वाला वाहन का भाडा अब और बढ़ जाएगा। व्यवसायिक गैस का मूल्य रसोई गैस के मूल्य से सवा तीन गुना अधिक है, जिसे लेकर रेस्टोरेंट संचालक परेशान हैं। अब पेट्रोल डीजल का दाम बढ़ने से हर व्यापार में महंगाई का असर पड़ेगा। जबकि लोग भाजपा को व्यापारियों की सरकार कहते हैं लेकिन इस सरकार में व्यापारी परेशान है। - जीवन लाल अग्रहरि, अध्यक्ष, नगर उद्योग व्यापार मंडल मछलीशहर

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पेट्रोल डीजल की मूल्य वृद्धि से आम जनमानस पर महंगाई का असर पड़ेगा। इस मूल्य वृद्धि से जहां किराए भाड़े में बढ़ोत्तरी होगी वहीं खाने पीने के भी सामान महंगे हो जाएंगे क्योंकि ट्रांसपोर्ट चार्ज में भी वृद्धि होगी। डीजल पेट्रोल के मूल्य बढ़ने से आम जनता पर असर पड़ेगा जहां लगभग हर स्तर पर महंगाई बढ़ जाएगी। - धर्मेंद्र सिंह, व्यावसायी बदलापुर

डीजल-पेट्रोल की मूल्य वृद्धि का सबसे अधिक असर किसानों, व्यापारियों और मध्यम वर्गीय परिवारों पर पड़ेगा। खेती-किसानी में डीजल का उपयोग अधिक होने के कारण सिंचाई, जोताई तथा कृषि कार्यों की लागत बढ़ जाएगी। वहीं माल ढुलाई महंगी होने से बाजार में खाद्यान्न एवं अन्य आवश्यक वस्तुओं के दाम भी बढ़ेंगे। लगातार बढ़ती महंगाई से लोगों का घरेलू बजट बिगड़ता जा रहा है और गरीब वर्ग सबसे अधिक प्रभावित हो रहा है। - राजकुमार शर्मा,पूर्व प्रधान
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डीजल-पेट्रोल की कीमतों में वृद्धि का सबसे अधिक असर किसानों और मध्यम वर्गीय परिवारों पर पड़ेगा। खेती-किसानी में ट्रैक्टर, पंपिंग सेट और अन्य कृषि कार्यों में डीजल की खपत अधिक होती है, जिससे उत्पादन लागत बढ़ जाएगी। वहीं माल भाड़ा महंगा होने से बाजार में खाद्यान्न, सब्जी और अन्य आवश्यक वस्तुओं की कीमतों में भी बढ़ोतरी हो सकती है। - नरेंद्र उर्फ नेता यादव, किसान शाहगंज
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