इसके बाद हेमंत नौकरी की ज्वाइनिंग के लिए टालमटोल करने लगा। कभी कुछ कहता तो कभी कोई और बहाना बना लेता। अचानक वह अपना रेस्टोरेंट बंद कर लापता हो गया। काफी खोजबीन के बाद भी जब हेमंत का कहीं पता नहीं लगा तो पीड़ित ने पुलिस से गुहार लगाई। बीते पांच सितंबर को पुलिस आयुक्त ए. सतीश गणेश से मामले को लेकर शिकायत की। जिसके बाद लंका थाने में मुकदमा दर्ज हुआ। पुलिस आयुक्त ने स्पेशल टीम गठित की। टीम ने केवल 48 घंटो के भीतर दिल्ली के द्वारिका इलाके से आरोपी को गिरफ्तार कर लिया।
शुक्रवार सुबह पुलिस टीम आरोपी को लेकर वाराणसी पहुंची है। पुलिस आयुक्त ने आम जनता से अपील की है कि जो भी लोग हेमंत के धोखाधड़ी का शिकार हुए हों वह थाने जाकर तहरीर देकर मुकदमा दर्ज कराएं। सरकारी नौकरी दिलाने का कोई कितना भी दावा कर ले, कभी उसके झांसे में न आएं