बेनियाबाग मामले में छह लोगों की जमानत के खिलाफ अपील होगी
बेनियाबाग मैदान में बीती 23 जनवरी को हम भारत के लोग बैनर तले महिलाएं और पुरुष सीएए और एनआरसी के विरोध में धरना देने गए थे। अनुमति न लेने का हवाला देकर पुलिस महिलाओं को मैदान से उठाने लगी। पुलिस का आरोप है कि इसी बीच कुछ लोगों ने पथराव किया और बाहर से दौड़ कर मैदान के अंदर आए। प्रकरण को लेकर छह लोग गिरफ्तार कर जेल भेजे गए।
चौक थाने में 32 नामजद और 600 अज्ञात के खिलाफ मुकदमा दर्ज किया गया। इनमें से 12 के खिलाफ अदालत ने गैर जमानती वारंट जारी किया है। 28 जनवरी को जेल भेजे गए सभी लोगों को अदालत ने जमानत पर रिहा करने का आदेश दिया। इस संबंध में एसएसपी ने बुधवार को बताया कि फिलहाल सभी छह लोग जेल में हैं। उनकी जमानत निरस्त कराने के लिए पुलिस उच्च अदालत में अपील करेगी।
एलर्ट रही पुलिस, नहीं दिखा भारत बंद का खास असर
सीएए और एनआरसी के विरोध में भारत बंद के आह्वान को लेकर बुधवार को पुलिस अतिरिक्त सतर्कता बरतते हुए दिखी। दालमंडी और बेनिया सहित आसपास के क्षेत्र में बंदी का आंशिक असर दिखा, लेकिन दोपहर 12 बजे के बाद दुकानें खुल गई थीं। इसके बाद बाजार में अन्य दिनों की भांति ही चहल-पहल दिखी।
इस बीच शास्त्री घाट पर बहुजन क्रांति मोर्चा के नेतृत्व में अन्य संगठनों के लोग एकत्र हुए। सूचना पाकर सीओ कैंट मो. मुश्ताक फोर्स के साथ मौके पर पहुंचे और सभी को समझाबुझाकर शांत कराए। धरना देने आए लोगों से पुलिस ने उनका ज्ञापन लेकर उनके घर जाने को कहा। उधर, इससे पहले सुबह से ही मिश्रित आबादी वाले इलाकों और प्रमुख पार्कों के इर्दगिर्द भारी संख्या में पुलिस और पीएसी के जवान तैनात किए गए थे।