महिलाओं और बुजुर्गों को होती है समस्या
सबसे अधिक परेशानी महिलाओं और बुजुर्गों को उठानी पड़ रही है। प्रमाण पत्र बनवाने के लिए जैसे ही लोग कमरे के अंदर पहुंचते हैं, उन्हें बाहर बैठा दिया जाता है। बाहर न पंखे की व्यवस्था है और न ही पीने के पानी की समुचित सुविधा। 40 डिग्री तापमान में लोग घंटों तपती धूप में बैठने को मजबूर हैं।
स्थानीय लोगों का कहना है कि नगर निगम के इस विभाग में रोजाना करीब 50 आवेदन आते हैं, लेकिन व्यवस्था पूरी तरह भगवान भरोसे चल रही है। आरोप है कि केवल कंप्यूटर ऑपरेटर ही नहीं, बल्कि विभाग के कई कर्मचारी भी समय से कार्यालय नहीं पहुंचते। इससे आम जनता को हर दिन बेवजह परेशान होना पड़ रहा है।
लोगों ने नगर निगम प्रशासन से मांग की है कि जन्म-मृत्यु प्रमाण पत्र जैसे जरूरी कार्यों के लिए जिम्मेदार कर्मचारियों की जवाबदेही तय की जाए, ताकि आम नागरिकों को इस तरह की फजीहत से राहत मिल सके।
सीआरएस पोर्टल में समस्या बताई
स्थानीय कर्मचारियों का कहना है कि जून 2024 से ही सीआरएस पोर्टल में समस्या बनी हुई है। कई बार उच्च अधिकारियों को इसकी जानकारी दी गई, लेकिन अब तक कोई स्थायी समाधान नहीं निकल पाया है। कर्मचारियों के अनुसार पोर्टल कभी धीमा चल रहा है तो कभी पूरी तरह बंद हो जाता है, जिससे आवेदन अपलोड करने और प्रमाण पत्र जारी करने की प्रक्रिया प्रभावित हो रही है।