नियमानुसार की गई उपकरणों की खरीदारी
बीएचयू अस्पताल में एनीस्थीसिया वर्क स्टेशन बनवाने में 1.72 करोड़ रुपये खर्च होने के बारे में सहायक कुलसचिव ने बताया है कि वर्कस्टेशन जो गंभीर मरीजों की जीवन रक्षा के लिये अत्यन्त आवश्यक है। इसलिए उच्च गुणवत्ता वाले उपकरण का क्रय ई-प्रोक्योरमेंट के माध्यम से उचित प्रक्रिया के तहत किया गया है। सभी खरीदारी का आदेश बीएचयू वित्ताधिकारी की ओर से पंजीकृत है। हालांकि मानव जीवन अमूल्य है, इस वजह से उससे किसी भी प्रकार का समझौता नहीं किया जा सकता था।
कोविड काल में दवाओं की आपूर्ति के लिए असमर्थ थी फर्म
सहायक कुलसचिव ने अपनी सफाई में यह स्पष्ट किया है कि कोविड काल के दौरान हुई व्यापक जनहानि के कारण कोई भी फर्म दवाओं की आपूर्ति करने में असमर्थ थी। जो भी फर्म आपूर्ति करने के लिए तैयार थी उससे दवाओं का क्रय सरकार की गाइडलाइन के अनुपालन में किया गया। चिकित्सालय में मरीजों को जनहानि से बचाव के लिए समय-समय पर आवश्यक दवाओं की आपूर्ति निर्धारित समय पर प्राप्त करना जरूरी होता है।
यह निश्चित भी नहीं है कि किस रोग में कितनी दवाओं की आवश्यकता होगी, यह तो रोगी के रोग पर निर्भर करता है। यह भी कहा कि गंभीर रोग पीड़ित मरीजों को भी समय पर दवाएं उपलब्ध न होने के कारण परेशानियों का सामना करना पड़ सकता है।