बीएचयू ट्रॉमा सेंटर में इलाज के दौरान एक युवक की मौत के बाद उसके परिजनों ने सोमवार को जमकर हंगामा किया। परिवारीजनों ने डॉक्टरों पर किडनी निकालने का आरोप लगाते हुए थाने में तहरीर दी है। मृतक चंद्रिका पनिका सोनभद्र के बीजपुर का निवासी है।
मृतक के भाई रमेश कुमार पनिका के मुताबिक सड़क हादसे में उसके भाई को पैर के अंगूठे और सिर में चोट आने के बाद सोनभद्र से लाकर पांच अक्तूबर को यहां भर्ती कराया गया था। शनिवार को ऑपरेशन हुआ। इसके बाद देखा तो उसके पेट में लंबा चीरा लगाया गया था।
पूछने पर चिकित्सकों ने कुछ बताया भी नहीं। उधर, 100 नंबर पर इसकी सूचना देने के साथ ही परिजन पोस्टमार्टम के लिए परेशान रहे लेकिन सोमवार देर शाम तक पोस्टमार्टम नहीं हो सका।
चंद्रिका प्रसाद (28) बीते पांच अक्तूबर की शाम बाइक से अपनी ससुराल बैढ़न जा रहा था। रास्ते में किसी वाहन से उसकी टक्कर हो गई और वह बेहोश हो गया। आसपास के लोगों ने इसकी सूचना पुलिस कंट्रोल रूम को दी। पुलिस की मौजूदगी में उसे एनटीपीसी के बीजपुर स्थित अस्पताल ले जाया गया।
वहां चिकित्सकों ने उसके अंगूठे और सिर में चोट लगने की जानकारी दी। कुछ देर इलाज के बाद उसे बीएचयू ट्रॉमा सेंटर रेफर कर दिया। रमेश ने बताया कि पांच अक्तूबर की रात 11:30 बजे वे ट्रॉमा सेंटर पहुंचे, जहां रेड जोन के एक चिकित्साधिकारी ने भर्ती कर इलाज किया। अगले दिन उसे दूसरी जगह शिफ्ट कर दिया गया।
ताया कि चिकित्साधिकारी ने शनिवार को ऑपरेशन करने की बात कहकर दवा और उपकरण लाने को कहा। शाम को ऑपरेशन हुआ तब वह ठीक था। रमेश का कहना है कि आग्रह करने पर भी चिकित्सकों ने घरवालों को चंद्रिका से मिलने नहीं दिया।
रविवार की रात चिकित्सक ने चंद्रिका की हालत गंभीर होने की जानकारी दी और कुछ देर बाद ही उसकी मौत हो गई। रमेश ने बताया कि उसके पेट पर गहरा कटे का निशान था। आरोप लगाया कि ऑपरेशन के दौरान चिकित्सक ने उसकी किडनी निकाल ली है।