तापमान नियंत्रित करने के लिए बड़ी मात्रा में कूलर लगाए जाएंगे। डेयरी से दूरी बना चुके मिल्क पार्लर व बूथ के साथ ही एजेंट जोड़े जाएंगे। बोर्ड पांच साल तक माडल प्लांट के रूप में संचालित करने की योजना पर काम कर रहा है। एनडीडीबी के प्रबंध निदेशक सुनील सिन्हा ने बताया कि जब बोर्ड ने डेयरी को टेकओवर किया था, तब उत्पादन दो से तीन हजार लीटर ही दूध का उत्पादन था।
बीते दो माह में 17 से 18 हजार लीटर दूध का उत्पादन हो रहा। इससे जुड़े दूधियों को उनके उत्पाद का आठ दिनों में ही पैसा मिल जा रहा था। दो लाख लीटर उत्पादन वाले डेयरी के मार्च तक पूरी क्षमता से संचालित करने का लक्ष्य है। इसके लिए नए और कुशल कर्मचारियों के भर्ती के लिए साक्षात्कार लिया जा रहा है।
पराग डेयरी - एक नजर में
रामनगर में पराग डेयरी बनी - 1978
ऑटोमेशन प्लांट चालू- जुलाई, 2019 से
प्लांट की क्षमता - चार लाख लीटर
पाउडर प्लांट की क्षमता - दो लाख लीटर
लिक्विड दूध प्लांट की क्षमता- दो लाख लीटर
छह जिलों से आता है दूध
पराग डेयरी प्लांट में वाराणसी समेत छह जिलों से दूध आता है। इसके लिए चार सौ से ज्यादा दुग्ध समितियां काम कर रही हैं। इसमें वाराणसी में 2500 लीटर, गाजीपुर से 1500 लीटर, चंदौली से 8000 लीटर, जौनपुर से 1500 लीटर, भदोही से 300 लीटर व मिर्जापुर के चुनार से 1000 लीटर संग्रह किया जाता है।