पद्मश्री महामहोपाध्याय प्रो. भागीरथ प्रसाद त्रिपाठी वागीश शास्त्री के निधन पर शुक्रवार को संपूर्णानंद संस्कृत विश्वविद्यालय में श्रद्धांजलि सभा का आयोजन किया गया। पाणिनी भवन सभागार में आयोजित सभा को संबोधित करते हुए कुलपति प्रो. हरेराम त्रिपाठी ने कहा कि पद्मश्री आचार्य त्रिपाठी संस्कृत, संस्कृति एवं संस्कार के त्रिवेणी थे।
कुलपति प्रो. त्रिपाठी ने कहा कि आचार्य वागीश शास्त्री ने शरीर त्यागा है लेकिन उनके कृतित्व के प्रकाश से वह सदैव हम सभी के बीच रहेंगे। उनके अनुसंधान शोध प्रविधि का संचालन आज भी किया जा रहा है। उनके शोध की परिकल्पना को साकार करने से उनके प्रति सच्ची श्रद्धांजलि होगी। श्रद्धांजलि सभा के आरंभ में आचार्य वागीश शास्त्री के चित्र पर माल्यार्पण कर श्रद्धांजलि अर्पित की गई। इस दौरान कुलसचिव डॉ. ओमप्रकाश, प्रो. हरिप्रसाद अधिकारी, प्रो. रामकिशोर त्रिपाठी, प्रो. शैलेश कुमार मिश्र, प्रो. महेंद्र पांडेय, डॉ. विजय कुमार पांडेय, प्रो. राजनाथ, प्रो. हीरककांति चक्रवर्ती, प्रो. अमित शुक्ला आदि मौजूद रहे।