बनारसी मस्ती और अल्हड़ मिजाजी का प्रतीक उलूक महोत्सव का मंच शनिवार को मारवाड़ी युवक संघ में सजाया। रिक्शे पर उल्लू की बरात आई और रात भर श्रोताओं ने हास्य कवियों की कविताओं पर खूब ठहाके भी लगाए। शनिवार गोष्ठी की ओर से शनिवार को 21वें उलूक महोत्सव का हंसी ठिठोली और मनोरंजन से भरपूर आयोजन किया गया।
शनिवार को रिक्शे पर उल्लू की बरात गाजे-बाजे के साथ निकली। उलूक देव की आरती मोमबत्ती, मशाल और मोबाइल का टॉर्च जलाकर की गई। इसके बाद आयोजन में अध्यक्ष जगदंबा तुलस्यान व सचिव सुदामा तिवारी सांड़ बनारसी ने हास्य कवियों को सम्मानित किया। सुदामा तिवारी सांड़ बनारसी ने कहा कि देश भर के उल्लुओं की दृष्टि आजकल बनारस पर जमी हुई है। यह महोत्सव उन तमाम उल्लुओं को समर्पित है जो किसी न किसी सरकारी पेड़ की शाख पर बैठे असरकारी काम करने में लगे हैं। कवियों में राधेश्याम भारती, अजीत शुक्ल, अनामिका वालिया शर्मा, प्रियंका राय नंदिनी, डॉॅ. भावना श्रीवास्तव, डॉ. प्रशान्त सिंह, दान बहादुर सिंह, शिरीष उमंग, झगड़ू भइया आदि ने काव्य पाठ किया। संचालन कवि दमदार बनारसी ने किया।